इंडिगो संकट के बीच एअर इंडिया ने पायलटों की भर्ती के लिए निकाला विज्ञापन

मुंबई. इंडिगो संकट के बीच एअर इंडिया पायलटों की भर्ती कर रहा है। उसने एक हायरिंग विज्ञापन निकाला है, जिसमें कहा है कि आसमान की कोई सीमा नहीं है, यह तो बस शुरुआत है। कंपनी ने पायलटों को अप्लाई करने की अपील की है।

टाटा ग्रुप ने अक्टूबर 2021 में सरकार से यह एयरलाइन खरीदी थी। कंपनी ने कहा कि वह अपने एयरबस A320 और बोइंग 737 फ्लीट के लिए पायलटों को हायर करना चाहती है। वैसे तो यह सामान्य सी भर्ती का विज्ञापन है लेकिन इसने सोशल मीडिया पर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है क्योंकि एअर इंडिया की प्रतिद्वंद्वी, इंडिगो पर गहरा संकट मंडरा रहा है।

इंडिगो संकट

पिछले हफ्ते से पायलटों और क्रू की अचानक कमी के कारण इंडिगो की उड़ानों में रुकावट, कैंसलेशन, देरी और रीशेड्यूलिंग से भारत का सिविल एविएशन सेक्टर प्रभावित हुआ है। यह स्थिति तब पैदा हुई जब इंडिगो ने नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा पिछले साल जारी किए गए संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों को लागू किया।

एअर इंडिया के इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या है?

एअर इंडिया ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में कहा, “भारतीय एविएशन के भविष्य को कमांड करें। हम अपने बढ़ते फ्लीट में शामिल होने के लिए अनुभवी B737 और A320 पायलटों को आमंत्रित कर रहे हैं। 22 दिसंबर तक अपने एप्लीकेशन सबमिट करें।”

एयर इंडिया ने कहा कि A320 फ्लीट के लिए वह अनुभवी “टाइप रेटेड” कमांड पायलटों की तलाश कर रही है। एयरलाइन ने कहा कि B737 फ्लीट के लिए वह अनुभवी “टाइप रेटेड” और “नॉन-टाइप रेटेड” दोनों तरह के पायलटों को हायर करना चाहती है। टाइप रेटिंग उन पायलटों के लिए एक सर्टिफिकेशन है जिन्होंने किसी खास तरह के एयरक्राफ्ट पर ट्रेनिंग और टेस्टिंग पूरी कर ली है।

एफडीटीएल के नियम

एयर इंडिया की हायरिंग की घोषणा ऐसे समय में आई है जब इंडिगो नए FDTL नियमों से प्रभावित फ्लाइट ऑपरेशन को स्थिर करने के लिए और पायलटों को हायर करने में संघर्ष कर रही है। FDTL यह सुनिश्चित करता है कि पायलटों को फ्लाइट के बीच पर्याप्त आराम मिले, साथ ही कुछ अन्य जरूरी शर्तें भी पूरी हों। इसलिए, FDTL में बदलाव से इंडिगो के फ्लाइट शेड्यूल पर असर पड़ा।

साभार : दैनिक जागरण

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *