अगर इजरायल गाजा से कब्जा खत्म कर दे, तो हम फिलिस्तीनी प्राधिकरण को सौंप देगें हथियार : हमास

गाजा. इजरायल-हमास की लड़ाई को खत्म करने के लिए अमेरिका ने एक 20 सूत्रीय प्लान बनाया और इस पर काम भी शुरू हो गया. हमास के कब्जे में मौजूद जिंदा इजरायली बंधकों को छोड़ा भी गया लेकिन जब शवों की वापसी होने लगी, तो इजरायल ने आरोप लगाया कि हमास उनके नागरिकों के शवो के अवशेष नहीं भेज रहा है. इसके बाद एक बार फिर से दोनों पक्षों के बीच हिंसा शुरू हो गई. अब एक बार फिर हमास की ओर से कहा गया है कि वो अपने हथियार डालने के लिए तैयार है. हालांकि इसके लिए संगठन की ओर से एक शर्त रखी गई है.
फिलिस्तीनी चरमपंथी संगठन हामास ने कहा है कि वह गाजा में अपने हथियार तभी छोड़ेगा जब इजरायल की सेना पूरी तरह से गाजा से हट जाएगी. हमास के निरस्त्रीकरण को लेकर सीजफायर प्लान में भी बात की गई है लेकिन हमास इस पर राजी नहीं हो रहा है. हमास का कहना है कि उनके हथियारों का अस्तित्व इजरायल के हमलों और कब्जे से जुड़ा है. ऐसे में अगर कब्जा खत्म होता है तो वे हथियार फिलिस्तीनी प्राधिकरण को सौंपने को तैयार हैं.

कैसे हमास हथियार छोड़ने पर होगा राजी?

हमास ने साफ कर दिया कि वह किसी भी ऐसी अंतरराष्ट्रीय फोर्स को गाजा में तैनात करने के पक्ष में नहीं है जिसका उद्देश्य हामास के हथियार छुड़वाना हो. इस मुद्दे पर हमास के गाजा प्रमुख और मुख्य वार्ताकार खलील अल हय्या ने कहा – ‘हमारे हथियार इजरायल के कब्जे और आक्रामकता के कारण हैं. अगर कब्जा खत्म होता है, तो ये हथियार राज्य के अधिकार में दे दिए जाएंगे. यहां राज्य से हमासा का मतलब एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य से है, जिसकी मांग की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि हमास यूनाइटेड नेशंस की एक सीमा निगरानी फोर्स को मान सकता है, जिसका काम युद्धविराम कराना हो, न कि हमास के हथियार छुड़वाना.

ट्रम्प की 20 सूत्रीय योजना से इनकार

इजरायल-हमास के युद्ध को खत्म करने और शांति समझौते के तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 20 प्वाइंट योजना में कहा गया है कि हमास को अपने हथियार जमा करने होंगे. हथियार छोड़ने वाले सदस्यों को गाजा छोड़ने की अनुमति होगी और गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण फोर्स तैनात होगी. बोर्ड ऑफ पीस नाम की एक अंतरिम सरकार बनेगी. हालांकि हमास ने इस योजना को पहले की तरह फिर से खारिज कर दिया है. इजरायल-हमास के मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे कतर और मिस्र ने भी कहा है कि युद्धविराम पूरी तरह से लागू करने के लिए जरूरी है कि इजरायली सेना की पूर्ण वापसी हो और अंतरराष्ट्रीय फोर्स तैनात हो. इनकी ओर से कहा गया है कि इजरायल को रोजाना होने वाला युद्धविराम उल्लंघन रोकना चाहिए.

साभार : न्यूज18

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