अफगानिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है पाकिस्तान: ख्वाजा आसिफ

इस्लामाबाद. इस्तांबुल में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच नए सिरे से शुरू हो रही शांति वार्ता से पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तालिबान सरकार के खिलाफ जहर उगला है।  ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। आसिफ के इस बयान ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है और शांति के राजनयिक प्रयासों संकट के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे हैं।

क्या बोले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री?

जब एक पत्रकार ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से पूछा कि क्या अफगानिस्तान में तालिबान से निपटने के लिए सैन्य टकराव ही एकमात्र विकल्प है, तो उन्होंने कहा, “जंग होगी।” बुधवार को एक टेलीविजन इंटरव्यू के दौरान आसिफ ने ये ये भड़काऊ टिप्पणी की है। आसिफ ने काबुल पर आतंकवादियों को पनाह देने और सीमा पार से हो रहे हमलों पर ध्यान ना देने का भी आरोप लगाया।

पाकिस्तान का आरोप, काबुल का जवाब

पाकिस्तान में आतंकवादी हमले बढ़े हैं जिसके लिए पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराता है। इस्लामाबाद का कहना है कि 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से इस समूह को अफगानिस्तान में पनाह दी जा रही है। काबुल इस बात से इनकार करता है कि उसके क्षेत्र का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ किया जा रहा है।

इस्तांबुल में बैठक से पहले बढ़ा तनाव

इस्तांबुल में वार्ता से पहले आसिफ के बयान ने तनाव बढ़ा दिया है। पिछली बातचीत का दौरा तीखी बहस के साथ खत्म हो गया था। हालांकि, बाद में 30 अक्तूबर को दोनों पक्षों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए युद्ध विराम को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी। अफगान प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तालिबान के खुफिया प्रमुख अब्दुल हक वसीक कर रहे हैं। वहीं, इसमें अनस हक्कानी, कतर में कार्यवाहक राजदूत सुहैल शाहीन, उप-गृह मंत्री रहमतुल्लाह नजीब और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल कहर बल्खी शामिल हैं। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और ISI चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद असीम कर रहे हैं।

किन मुद्दों पर होगी वार्ता?

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता में बार-बार होने वाली सीमा झड़पें, ड्रोन हमले, व्यापार क्रॉसिंग बंद होने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। अफगान मीडिया आउटलेट टोलो न्यूज के मुताबिक 8000 से ज्यादा अफगान कंटेनर पाकिस्तान में फंसे हुए हैं और 4000 कंटेनर पाकिस्तान में आने का इंतजार कर रहे हैं। क्रॉसिंग बंद होने से दोनों पक्षों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

साभार : इंडिया टीवी

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