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सरकार ने रचनात्मक स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की, आईटी नियम, 2021 के तहत ओटीटी निगरानी को लागू किया

Saransh Kanaujia
4 Min Read

रचनात्मक स्वतंत्रता और ओटीटी विनियमन:

संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत रचनात्मक स्वतंत्रता सहित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संरक्षित है।

ओटीटी प्लेटफार्मों पर हानिकारक सामग्री के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए सरकार ने आईटी अधिनियम, 2000 के तहत 25.02.2021 को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 को अधिसूचित किया है।

● इन नियमों का भाग-III डिजिटल समाचार प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेटेड सामग्री (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के प्रकाशकों के लिए आचार संहिता प्रावधान है।

● ओटीटी प्लेटफॉर्मों को ऐसी कोई भी सामग्री प्रसारित नहीं करने के लिए बाध्‍य किया गया है जो फिलहाल कानून द्वारा प्रतिबंधित है।

ये नियम आगे एक त्रि-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करते हैं, जो इस प्रकार है:

स्तर I: प्रकाशकों द्वारा स्व-नियमन

स्तर II: प्रकाशकों के स्व-नियामक निकायों द्वारा स्व-नियमन

स्तर III – केंद्र सरकार द्वारा निगरानी तंत्र

मंत्रालय को प्राप्त शिकायतें आईटी नियम, 2021 के अनुसार समाधान के लिए संबंधित ओटीटी प्लेटफार्मों को भेज दी जाती हैं।

संबंधित मंत्रालयों के साथ उचित परामर्श के बाद सरकार ने अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने के लिए 43 ओटीटी प्लेटफार्मों को ब्लॉक कर दिया है।

सरकारी विज्ञापन:

केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों पर केन्‍द्र सरकार के विज्ञापन जारी करता है, जिनमें समाचार पत्र, टीवी/रेडियो, आउटडोर, डिजिटल मीडिया आदि शामिल है।

इच्छित संदेश का व्यापक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मीडिया जैसे प्रिंट, ऑडियो-विजुअल, डिजिटल, आउटडोर प्रचार आदि के संबंध में विस्तृत नीति दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। ये दिशानिर्देश सीबीसी की वेबसाइट cbcindia.gov.in पर उपलब्ध हैं।

एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र को बढ़ावा:

एवीजीसी-एग्‍सआर में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और विस्तारित वास्तविकता क्षेत्र शामिल हैं।

केन्‍द्र सरकार एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र को भारत के रचनात्मक इकोसिस्‍टम के प्रमुख घटकों में से एक मानती है। अप्रैल 2022 में गठित एक राष्ट्रीय एवीजीसी-एक्सआर टास्क फोर्स ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार किया है।

एवीजीसी क्षेत्र के लिए सरकार की महत्वपूर्ण पहलें इस प्रकार हैं:

विश्व दृश्य-श्रव्य और मनोरंजन शिखर सम्मेलन 2025

● मीडिया और मनोरंजन के लिए भारत को एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए यह 1 से 4 मई 2025 तक मुंबई में आयोजित किया गया था।

● क्रिएट इन इंडिया चैलेंज: एनीमेशन, गेमिंग, एआर/वीआर और संगीत जैसी 34 रचनात्मक श्रेणियों में एक राष्ट्रव्यापी अगली पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभा खोज। इसमें दुनिया भर के रचनाकारों से 1 लाख से ज़्यादा पंजीकरण प्राप्त हुए।

● इसमें वेव्स बाज़ार, वेवएक्स एक्सेलरेटर जैसी पहलें शामिल थीं, जो रचनाकारों को निवेशकों से जोड़ती हैं और बाजारों तथा मेंटरशिप तक व्यापक पहुंच को सक्षम बनाती हैं।

● इसमें स्‍टोरीटेलिंग, एआई, एक्सआर और डिजिटल सामग्री निर्माण में मास्टरक्लास और मेंटरशिप प्रदान की गई।

भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना

आईआईसीटी को रचनात्मक प्रौद्योगिकियों के लिए एक प्रमुख संस्थान के रूप में स्थापित किया गया है, जो उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर ध्यान केंद्रित करता है।

● आईआईसीटी के विकास और संचालन के लिए 392.85 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

● आईआईसीटी  को रचनात्मक प्रौद्योगिकियों के लिए आईआईटी और आईआईएम की तर्ज पर तैयार किया गया है।

● इसने अकादमिक सहयोग के लिए गूगल, मेटा, एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, एडोब, डब्ल्यूपीपी आदि सहित प्रमुख वैश्विक कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।

● आईआईसीटी एवीजीसी-एक्‍सआर डोमेन में पेशेवरों और प्रशिक्षकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करता है।

● प्रारंभिक शैक्षणिक पेशकश में गेमिंग में चार विशेष पाठ्यक्रम, पोस्ट प्रोडक्शन में चार पाठ्यक्रम और एनीमेशन, कॉमिक्स और एक्सआर में नौ पाठ्यक्रम शामिल हैं।

● अधिक जानकारी संस्‍थान की वेबसाइट https://theiict.in पर उपलब्ध है।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी आज लोकसभा में दी।

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