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भारत में बनेगी राफेल की मेन बॉडी, टाटा का डसॉल्ट से हुआ समझौता

Saransh Kanaujia
3 Min Read

नई दिल्ली. भारत के डिफेंस सेक्टर में मेक इन इंडिया को मजबूत करने और देश की एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी Dassault Aviation और Tata Advanced Systems Limited (TASL) ने भारत में ही राफेल फाइटर जेट को बनाने के लिए साझेदारी की है. दोनों कंपनियों ने राफेल फाइटर जेट (Rafale Fighter Jet) के ढांचे के निर्माण के लिए भारत में चार प्रोडक्शन ट्रांसफर एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं. यह साझेदारी  भारत को ग्लोबल एयरोस्पेस सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है.

हैदराबाद में लगेगा प्रोडक्शन यूनिट

इस समझौते के तहत, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (Tata Advanced Systems) हैदराबाद में एक अत्याधुनिक प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करेगी, जहां राफेल फाइटर जेट के प्रमुख स्ट्रक्चरल हिस्सों का निर्माण किया जाएगा. इनमें रियर फ्यूसेलाज के लेटरल शेल्स, पूरी रियर सेक्शन, सेंट्रल फ्यूसेलाज और फ्रंट सेक्शन शामिल होंगे. अनुमान है कि इस फैसिलिटी से वित्तीय वर्ष 2028 तक पहले फ्यूसेलाज हिस्से उत्पादन लाइन से निकलने लगेंगे और प्रत्येक माह दो पूरे फ्यूसेलाज तैयार करने की क्षमता हासिल की जाएगी.

पहली बार फ्रांस के बाहर बनेगी राफेल

Dassault Aviation के चेयरमैन और CEO एरिक ट्रैपियर ने इस मौके पर कहा कि “पहली बार राफेल का फ्यूसेलाज फ्रांस के बाहर भारत में तैयार किया जाएगा. यह भारत में हमारी सप्लाई चेन को सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम है और Tata Advanced Systems जैसे मजबूत स्थानीय भागीदारों के साथ यह साझेदारी गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा दोनों में सफलता दिलाएगी.” TASL के CEO और MD सुकरण सिंह ने इस करार को भारत की एयरोस्पेस यात्रा में मील का पत्थर बताया और कहा कि “इस साझेदारी से भारत में एक मॉडर्न और वैश्विक मानकों वाली मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को और बल मिलेगा.”

भारत-फ्रांस के बीच ₹63,000 करोड़ की ऐतिहासिक डील

यह सहयोग ऐसे समय में आया है जब भारत और फ्रांस के बीच अप्रैल 2025 में ₹63,000 करोड़ की ऐतिहासिक डील पर हस्ताक्षर हुए थे. इस डील के तहत भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-मरीन फाइटर जेट्स खरीदे जाएंगे, जिनमें 22 सिंगल सीटर और 4 ट्विन-सीटर ट्रेनर्स शामिल हैं. यह खरीदारी इंटर-गवर्नमेंटल एग्रीमेंट के तहत हो रही है, जिससे डिलीवरी में पारदर्शिता और तीव्रता सुनिश्चित की जाएगी.

साभार : जी न्यूज

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