किताबों से मुगलों का इतिहास मिटाने का प्रयास हो रहा है : फारुक अब्दुल्ला

Saransh Kanaujia
2 Min Read

जम्मू. किताबों से मुगलों के इतिहास हटाने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने आज केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारुक अब्दुल्ला किताबों से मुगलों का इतिहास हटाए जाने को लेकर बिफर गए। इसे लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर धावा बोला है। फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि तारीख मिट नहीं सकती। आप कितना इसको किताबों से निकालेंगे? शाहजहां, अकबर, हुमायूं, जहांगीर को कैसे भूल जाएंगे? बता दें हाल ही में एनसीआरटी की किताबों से  मुगलों का इतिहास हटा दिया गया था। जिस पर एनसीआरटी के निदेशक ने आकर अपनी सफाई दी थी।

मकबरा को कैसे छुपाएंगे- फारुक

उन्होंने कहा कि तारीख मिट नहीं सकती। आप कितना इसको किताबों से निकालेंगे? शाहजहां, अकबर, हुमायूं, जहांगीर को कैसे भूल जाएंगे? उन्होंने आगे कहा कि 800 साल हुकुमत की (मुगलों ने) कभी किसी हिंदू, ईसाई, सिख को खतरा नहीं लगा। लाल किला, हुमायूं का मकबरा को कैसे छुपाएंगे? यह (केंद्र सरकार) अपने पैर पर खुद कुल्हाड़ी मार रहे हैं।

जानें क्या है पूरा मामला

बता दें कि यूपी ने 12वीं कक्षा के सिलेबस से मुगल इतिहास के चैप्टर्स को हटा दिया है। वहीं, NCERT ने इतिहास की किताब से मुगल दरबार और शासक चैप्टर को हटा दिया है। इसके अतिरिक्त 11वीं क्लास के कुछ चैप्टर हटा दिए गए हैं। इसे लेकर NCERT के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने सफाई भी दी है। सकलानी ने कहा कि ये गलत है। मुगलों को हटाया नहीं गया है सिलेबस कम करने लिए गैरजरूरी लोड को हटा दिया गया है। ताकि बच्चों पर दबाव कम हो सके।

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article