किश्तवाड़ में आतंकियों से लोहा लेते हुए सेना के हवलदार का बलिदान, ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ जारी; 8 जवान घायल

Saransh Kanaujia
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चतरू (Chatroo) इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच रविवार से शुरू हुई भीषण मुठभेड़ आज दूसरे दिन भी जारी है। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना के एक हवलदार वीरगति को प्राप्त हो गए हैं, जबकि 8 अन्य जवान घायल हुए हैं। सेना की व्हाइट नाइट कोर ने इस मिशन को ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ (Operation Trashi-I) नाम दिया है।

1. कैसे शुरू हुई मुठभेड़?

सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि किश्तवाड़ के ऊपरी जंगली इलाके सोनार (Sonnar) में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 2-3 विदेशी आतंकवादी छिपे हुए हैं। रविवार दोपहर जब सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की, तो छिपे हुए आतंकियों ने अचानक ग्रेनेड हमला कर दिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

2. जवानों की स्थिति और एयरलिफ्ट

शुरुआती गोलीबारी और ग्रेनेड धमाकों में सेना के 8 जवान घायल हो गए थे।

  • बलिदान: गंभीर रूप से घायल एक आर्मी हवलदार ने आज उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

  • एयरलिफ्ट: घायल जवानों में से 3 की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत उधमपुर स्थित आर्मी बेस अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया। अधिकारियों के अनुसार, बाकी घायल जवानों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।

3. ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ की वर्तमान स्थिति

इलाके की भौगोलिक स्थिति (पहाड़ी और घना जंगल) चुनौतीपूर्ण होने के कारण ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:

  • ड्रोन और स्निफर डॉग्स: आतंकियों की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए निगरानी ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है।

  • घेराबंदी: अतिरिक्त कुमुक (Reinforcements) बुलाकर पूरे वन क्षेत्र को चारों ओर से सील कर दिया गया है ताकि आतंकी घने कोहरे और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग न सकें।

  • गणतंत्र दिवस का अलर्ट: 26 जनवरी से पहले आतंकियों की इस सक्रियता को देखते हुए पूरे जम्मू संभाग में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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