जनहित पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन 8 और 9 मार्च को ग्वालियर में होगा संपन्न

देश के कई राज्यों से परिवार सहित आएंगे कार्यकर्ता

देश हित के कई महत्वपूर्ण विषयों के साथ असम में बांग्लादेशी घुसपैठियों को नागरिकता देने के विरोध में भी बनेगी रणनीति

नई दिल्ली. जनहित पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री मनीष काले ने बताया कि आज भारत की पूरी राजनीतिक व्यवस्था धनबल और बाहुबल पर केंद्रित होती जा रही है। जिसमें जनता के प्रमुख मुद्दे हाशिए पर होते जा रहे हैं। सभी राजनीतिक दलों की कार्यशैली भी एक समान हो गई है। इन्हीं सब विषयों को ध्यान में रखकर राष्ट्रवादी विचारधारा के कई लोगों ने मिलकर 10 सितंबर 2023 को भोपाल में जनहित पार्टी की स्थापना की थी। पार्टी ने स्थापना के बाद से ही जनता के हित के कई विषयों पर जन जागरण शुरू किया। बढ़ते नशे के कारोबार, शिक्षा के व्यापार, प्रकृति और हरियाली के विनाश, बांग्लादेशी घुसपैठियों को नागरिकता देने और उन्हें देश से बाहर निकालने को लेकर जनता में जागरण शुरू किया। इसी बीच पार्टी ने मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में 16 सीटों पर चुनाव भी लड़ा था और इंदौर लोकसभा सीट पर भी प्रत्याशी उतारा था।

उन्होंने आगे कहा कि तेजी से पार्टी का विस्तार मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों में भी हो रहा है। इसी क्रम में पार्टी का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन 8 और 9 मार्च को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में होने वाला है। जिसमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम, उड़ीसा व तमिलनाडु आदि राज्यों से कार्यकर्ता स्वयं के खर्च से आने वाले हैं। अधिवेशन में पार्टी का विस्तार, राष्ट्रीय मुद्दों सहित कई विषयों पर चर्चा होगी। 8 मार्च को ग्वालियर में शोभा यात्रा एवं आमसभा भी होगी। पूरा अधिवेशन न्यूनतम खर्च में और जनसहयोग से जुटाया जा रहा है।

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