आसिम मुनीर की मानसिकता भारत के प्रति शत्रुतापूर्ण, वो तनाव बढ़ाने वाले फैसलों को प्रोत्साहित करते हैं : अलीमा खान

Saransh Kanaujia
4 Min Read

इस्लामाबाद. पाकिस्तान की राजनीति इन दिनों अशांति और आरोपों के बीच उलझी हुई है. इसी माहौल में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान का एक बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की विचारधारा को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं, जिसके बाद पाकिस्तान में नया विवाद खड़ा हो गया है.

अलीमा खान ने स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान के मौजूदा सेना प्रमुख की सोच बेहद कठोर और कट्टरपंथी है. उनके आसिम मुनीर की मानसिकता भारत के प्रति शत्रुतापूर्ण है. यही वजह है कि वे सीमा के आसपास तनाव बढ़ाने वाले फैसलों को प्रोत्साहित करते हैं. अलीमा का दावा है कि जो लोग मुनीर की विचारधारा से सहमत नहीं होते, उन्हें निशाना बनाया जाता है और यही रवैया पाकिस्तान की राजनीति को और अस्थिर कर रहा है.

इमरान खान भारत के साथ रिश्तों को बेहतर करना चाहते थे

अलीमा खान के मुताबिक इमरान खान हमेशा भारत के प्रति सकारात्मक रुख रखते थे. उन्होंने कहा कि उनके भाई ने कई बार भारत से बातचीत की कोशिश की और भारतीय नेतृत्व और बीजेपी से संबंध सुधारने की दिशा में कदम उठाए. अलीमा के अनुसार पाकिस्तान में जब भी कठोर मानसिकता वाला नेतृत्व सत्ता में आता है, तब भारत-विरोधी माहौल तैयार किया जाता है.

इमरान खान के बेटों का बयान

इमरान खान की बहन के अलावा उनके बेटे कासिम खान और सुलेमान खान ने भी पाकिस्तानी हुक्मरानों के ऊपर आरोप लगा चुके हैं. हाल ही में उन्होंने एक बयान में कहा था कि उन्हें अपने पिता की जान को लेकर गंभीर चिंता है. दोनों बेटों का कहना था कि उन्हें डर है कि सरकार इमरान खान की सेहत से जुड़ी कोई अहम जानकारी छिपा रही है, जो सामान्य नहीं हो सकती. कासिम और सुलेमान ने बताया था कि उन्हें पिछले 47 दिनों से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद अपने पिता की हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी.

इमरान खान का भी पलटवार

जेल से भेजे संदेश में इमरान खान ने सेना प्रमुख पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जनरल मुनीर पाकिस्तान की राजनीति को अपने कब्जे में रखना चाहते हैं और उन्हीं की वजह से देश गहरे संकट में जा रहा है. इमरान का कहना है कि वे जिस तरह के दबाव और प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं, वह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अस्वीकार्य है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जेल में उनके साथ कुछ हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सेना प्रमुख की होगी.

साभार : एबीपी न्यूज

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://new.matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article