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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में बताया कि जल्द ही सभी टोल बूथ खत्म कर दिए जाएंगे

Saransh Kanaujia
3 Min Read

नई दिल्ली. लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा एलान किया। परिवहन मंत्री ने गुरुवार को कहा कि देश में वर्तमान टाेल कलेक्शन सिस्टम एक साल के भीतर पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इनकी जगह नई इलेक्ट्रॉनिक टोल प्रणाली लागू होगी। इससे राजमार्ग पर वाहन रोकने या लंबी कतारों से राहत मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि देश में हाइवे पूरी तरह डिजिटल करने के लिए वाहन रोककर शुल्क लेने की पुरानी व्यवस्था खत्म की जा रही है।

10 स्थानों पर यह व्यवस्था पहले से लागू

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि यह नई तकनीक देश के करीब 10 स्थानों पर लागू हो चुकी हैं। टेस्टिंग और मॉनिटरिंग के बाद अगले एक साल के अंदर इसे पूरे भारत के नेशनल हाइवे नेटवर्क पर लागू होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सिस्टम से टोल प्लाजा गायब हो जाएंगे और वाइन सीधे चलते हुए भुगतान पूरा कर सकेंगे।

कैसे काम करेगी ये तकनीक ?

अधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (एनईटीसी) तकनीक विकसित की है। इसका उद्देश्य भारत के टोल सिस्टम की पूरी तरह डिजिटल व इंटरऑपरेबल बनाना है। इसका मुख्य आधार फास्ट टैग तकनीक है। इसमें आरईआईडी यानी की रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। यह हाइवे टोल प्लाजा पर वाहन गुजरने के दौरान बिना रुके चालक से जुड़े बैंक खाते से टोल राशि अपने आप काट देता है।

इससे क्या लाभ होगा ? 

गडकरी ने सदन को यह भी बताया कि देश में 4,500 राजमार्ग परियोजनाएं चल रही हैं। इनकी कुल लागत लगभग 10 लाख करोड़ रुपये है। बड़ी मात्रा में हाईवे निर्माण के साथ डिजिटल टोलिंग सिस्टम लागू होने से भारत में सड़क यातायात और परिवहन की गति और भी तेज होने की उम्मीद है। समय की बचत भी होगी।

साभार : अमर उजाला

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