पीओके में लोगों से दो महीने के लिए राशन इकट्ठा करने के दिए निर्देश

Saransh Kanaujia
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मुजफ्फराबाद. भारत हमला करने वाला है! ये डर इस वक्त समूचे पाकिस्तान की नींद हराम किए हुए है. उसके कब्जे वाले कश्मीर में भी लोग खौफजदा हैं. हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि POK की सरकार ने 13 सीमावर्ती इलाकों में जनता को दो महीने का राशन जमा करने का फरमान सुना दिया है. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत का जो रुख दिखा है, उससे पाकिस्तान की नींद उड़ चुकी है. LoC के उस पार बंकरों में दुबकी पाकिस्तानी सेना, और राशन जमा करती POK की जनता, ये सबकुछ बताता है कि भारत की जवाबी कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान कितना डरा हुआ है.

पिछले कुछ दिनों से लगातार भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच गोलीबारी हुई है. लेकिन इस बार फर्क ये है कि भारत चुप नहीं बैठा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सेना को ‘पूरी छूट’ दे दी है. अब उसका असर भी दिखने लगा है. POK की राजधानी मुजफ्फराबाद में मदरसे बंद कर दिए गए हैं. सड़कों पर मिलिट्री ट्रक हैं. राशन डिपो पर कतारें हैं. पाकिस्तानी नेताओं की जुबान में भारत का डर छिपा है.

क्या बोले POK के पीएम?

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के प्रधानमंत्री चौधरी अनवर-उल-हक ने खुद विधानसभा में स्वीकार किया कि हालात गंभीर हैं. एक इमरजेंसी फंड बनाया गया है, एक अरब पाकिस्तानी रुपये का. मकसद सिर्फ एक है कि किसी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में जरूरी सामानों की सप्लाई बनी रहे. सड़कें ठीक करने के लिए प्राइवेट और सरकारी मशीनें तक तैनात कर दी गई हैं.

साभार : न्यूज18

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