पीड़ितों और अपराधियों को कभी भी समान नहीं माना जाना चाहिए : एस. जयशंकर

नई दिल्ली. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को क्वाड विदेश मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए अमेरिका को भी परोक्ष रूप से बड़ी नसीहत दे डाली। बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों और अपराधियों को कभी भी समान नहीं माना जाना चाहिए।

अपने लोगों की रक्षा का पूरा अधिकार

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और हम उस अधिकार का प्रयोग करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे क्वाड पार्टनर इसे समझेंगे और इसकी सराहना करेंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी एक स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए, हमारे प्रयास एक नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए समर्पित हैं। यह आवश्यक है कि हिंद-प्रशांत के देशों को विकास और सुरक्षा पर सही निर्णय लेने के लिए आवश्यक विकल्प की स्वतंत्रता हो।

क्वाड सम्मेलन की मेजबानी करेगा भारत

इससे पहले भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग अमेरिकी विदेश विभाग में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए पहुंचे थे। बैठक में जयशंकर ने कहा कि भारत अगले क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने की योजना बना रहा है। हमारे पास इसे उत्पादक बनाने के लिए कुछ प्रस्ताव हैं। मुझे यकीन है कि हमारे साझेदार भी ऐसा ही करेंगे। हम चर्चा करेंगे, और मुझे यकीन है कि हम सहमत होंगे।

साभार : नवभारत टाइम्स

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