पाकिस्तान में हिंसा के बाद इमरान खान की पार्टी ने वापस लिया अपना आंदोलन

Saransh Kanaujia
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी ने बुधवार को अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया। पीटीआई ने कहा कि शहबाज शरीफ की सरकार ने निर्दोष नागरिकों का खून बहाने का प्लान बनाया है, जिसके मद्देनजर विरोध प्रदर्शन खत्म किया जा रहा है। तीन दिन पहले PTI संस्थापक और पूर्व पीएम इमरान खान की रिहाई के लिए यह प्रदर्शन शुरू किया गया था। यह घोषणा तब हुई है जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर और इमरान की पत्नी बुशरा बीबी को प्रदर्शनकारियों के साथ रेड जोन से तितर-बितर कर दिया गया।

पीटीआई के केंद्रीय मीडिया सेल ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘सरकार की क्रूरता और संघीय राजधानी को निहत्थे नागरिकों के लिए बूचड़खाने में बदलने की योजना के मद्देनजर, हम अपना शांतिपूर्ण विरोध अस्थायी रूप से निलंबित कर रहे हैं।’ PTI ने आगे कहा कि वह पार्टी संस्थापक इमरान खान के मार्गदर्शन में आगे की कार्रवाई की घोषणा करेगी। आगे कहा गया कि पार्टी की राजनीतिक और कोर समितियां विरोध के दौरान नागरिकों के प्रति सरकार की क्रूरता के विवरण का विश्लेषण कर इसका निष्कर्ष इमरान को देंगी।

PTI कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप

बयान में कहा गया कि हम पाकिस्तान के चीफ जस्टिस से अपील करते हैं कि वे हमारे कार्यकर्ताओं की क्रूर हत्याओं का स्वतः संज्ञान लें और हत्या के आरोप में प्रधानमंत्री, आंतरिक मंत्री और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश दें। इमरान खान के नेतृत्व वाली पार्टी ने दावा किया कि दर्जनों निहत्थे और निर्दोष कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या कर दी। पीटीआई प्रवक्ता ने कहा कि अब तक आठ कार्यकर्ता मारे गए हैं।

PTI में देखी गई फूट

जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक बुशरा बीबी और खैबर पख्तूनख्वा (KP) के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर वापस KP पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों साथ में हैं। प्रदर्शन के दौरान पीटीआई में फूट देखने को मिली। इस्लामाबाद के डी-चौक पर पीटीआई कार्यकर्ता पहुंचे थे। पीटीआई सांसद शेर अफजल मरवत ने कहा कि KP के मुख्यमंत्री इस चौराहे पर प्रदर्शन के पक्ष में नहीं थे। लेकिन बुशरा बीबी और पीटीआई के अन्य कार्यकर्ता यहां प्रदर्शन करना चाहते थे। उन्होंने आगे कहा कि गोलियों के आगे हम नहीं टिक सकते थे।

साभार : नवभारत टाइम्स

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