भाजपा ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की सूची की जारी

रांची. भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से राज्य विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की सूची जारी की गई है। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi), राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda), गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah), राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) के साथ प्रदेश से बाबूलाल मरांडी, अमर कुमार बाउरी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय को स्टार प्रचारक बनाया गया है।

स्टार प्रचारकों की लिस्ट में पूर्व सांसद कड़िया मुंडा, जामताड़ा से चुनाव लड़ रहीं सीता सोरेन (Sita Soren) और पूर्व मुख्यमंत्री और चाईबासा से प्रत्याशी चंपई सोरेन (Champai Soren) भी हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी राज्य में स्टार प्रचारक होंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और संगठन प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में स्वभाविक तौर पर है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद विद्युत वरण महतो और बंगाल भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी भी स्टार प्रचारकों में शामिल हैं।

प्रदेश कमेटी के किन नेताओं को मिली जिम्मेदारी?

प्रदेश कमेटी के नेताओं से उपर रवींद्र राय का नाम भाजपा के केंद्रीय मुख्यलय की ओर से चुनाव आयोग को भेजी गई स्टार प्रचारकों की लिस्ट में रवींद्र राय का नाम ग्यारहवें नंबर पर है।

प्रदेश के नेताओं में सबसे ऊपर बाबूलाल का नाम

प्रदेश के नेताओं में बाबूलाल मरांडी और अमर कुमार बाउरी के बाद उन्हीं का नाम है, जबकि चुनाव प्रचार टीम के संयोजक विद्युत वरण महतो का नाम 30वें नंबर पर है। प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा और आदित्य साहू का नाम भी इस सूची में है।

भाजपा ने की मिथिलेश ठाकुर का नामांकन रद करने की मांग

भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में चुनाव आयोग पहुंचकर गढ़वा से झामुमो प्रत्याशी मिथिलेश ठाकुर का नामांकन रद करने की मांग की। सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि चुनाव घोषणा होते ही आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर मिथिलेश ठाकुर के सहयोगियों ने खुलेआम शराब, कपड़ा, साड़ी और घड़ी गांव-गांव में जाकर बांटी। इस पूरे प्रकरण का वीडियो बनाकर प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को दिया है। चुनाव आयोग ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं।

साभार : दैनिक जागरण

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