बिहार सीट बंटवारे से नाराज पशुपति पारस ने दिया इस्तीफा

पटना. बिहार की सीटों को लेकर हुए बंटवारे के बाद केंद्रीय मंत्री और चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है. इसकी घोषणा पारस ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में दी. पारस ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है. दरअसल सोमवार की शाम हुई सीट बंटवारे में पशुपति पारस को बिहार में एक भी सीटें नहीं मिलीं, जिसके बाद से यह माना जा रहा था कि वह किसी भी वक्त एनडीए का साथ छोड़ सकते हैं.

पारस ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की घोषणा की है. पारस की एनडीए में सीटों को लेकर क्यों बात नहीं बनी इसको लेकर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया. महज 2 मिनट से भी कम समय में उन्होंने अपनी बात कही और पत्रकारों के सवाल का जवाब दिए बगैर ही निकल गए. दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए पशुपति कुमार पारस ने कहा कि मैंने बिहार में सीटों को लेकर इंतजार किया. कल सीटों को लेकर घोषणा हो गई. मैंने ईमानदारी के साथ एनडीए की सेवा की. मैं पीएम का शुक्रगुजार हूं. मैं कैबिनेट मंत्री से त्याग पत्र देता हूं. पारस किस खेमे का रूख करेंगे इसको लेकर उन्होंने कुछ नहीं कहा.

इससे पहले राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने कहा कि हमारी पीठ में छूरा घोंपा गया है. हमारे साथ अन्याय हुआ है. आरजेडी से संपर्क में होने के सवाल पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि हमलोग राजनीति में भजन कीर्तन करने नहीं आए हैं. सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर ये भी है कि हाजीपुर से पशुपति कुमार पारस चुनाव लड़ेंगे. पशुपति कुमार पारस इस सीट से अपने भतीजे चिराग पासवान के खिलाफ लड़ेंगे. चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन का दरवाजा खटखटा रहे पारस ने महागठबंधन में समस्तीपुर और नवादा सीटें भी मांगी हैं लेकिन उनकी महागठबंधन में एंट्री आसान नहीं दिख रही हैं.

पशुपति पारस आज शाम को दिल्ली से पटना के लिए रवाना होंगे. पारस और उनके समर्थक लगातार आरजेडी के संपर्क मे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरजेडी से उनकी बातचीत जारी है. पशुपति पारस दलित सम्मान का मुद्दा उठाने की तैयारी में हैं. एनडीए में अपने साथ हुए अन्याय को लेकर जनता के बीच जाने की पारस की तैयारी है. मालूम हो कि सोमवार की शाम बिहार की सीटों को लेकर एनडीए में बंटवारा हो गया है. पशुपति पारस जिनकी पार्टी में फिलहाल 5 सांसद हैं को बिहार में एक भी सीटें नहीं मिली हैं. पारस के खाते की सभी सीटें उनके भतीजे चिराग पासवान को दे दी गई हैं. पशुपति कुमार पारस केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री भी हैं.

साभार : न्यूज18

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon.in/dp/9392581181/

https://www।flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *