खुद केजरीवाल सरकार ने लगाया था पटाखों पर प्रतिबंध, अब स्वयं तोड़ा नियम, दर्ज हुई आम आदमी पार्टी पर एफआईआर

नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल से छूटने के बाद उनके आवास के बाहर शुक्रवार को पटाखे फोड़ने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत सिविल लाइंस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली सरकार ने आगामी सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 16 सितंबर, 2024 को दिल्ली में पटाखों के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।

भाजपा ने साधा निशाना

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, आप नेता दिवाली या हिंदू धर्म के किसी त्योहार पर पटाखों पर बैन की घोषणा करते हैं। दिल्ली के मंत्री और आप नेता गोपाल राय को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। परसों उन्होंने फरवरी 2025 तक पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का बयान दिया था। और कल सीएम के सामने पटाखे जलाए गए। सभी प्रतिबंध सनातन धर्म के लिए ही हैं। हालांकि, कोर्ट ने ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी है।

26 जून को हुई थी गिरफ्तार

केजरीवाल (Kejriwal Bail) को सीबीआई ने 26 जून को गिरफ्तार किया था। उस समय वो मनी लॉन्ड्रिंग केस में तिहाड़ जेल में पहले से बंद थे। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केजरीवाल को 21 मार्च को उनके सरकारी आवास से अरेस्ट किया था। सुप्रीम कोर्ट से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहले ही जमानत मिल गई थी। शुक्रवार को उन्हें सीबीआई के भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में जमानत मिली है।

10 मई को जेल से बाहर आए थे केजरीवाल

आबकारी नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक अप्रेल से जेल में बंद हैं। इस बीच लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार के लिए उन्हें शीर्ष अदालत से जमानत मिली थी। 10 मई को वे जमानत के बाद जेल से बाहर आए थे। जमानत की अवधि समाप्त होने पर वे दो जून को जेल पहुंचे थे। तब से वे लगातार जेल में थे।

साभार : दैनिक जागरण

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