केंद्र सरकार ने रेवेन्यू सचिव संजय मल्होत्रा को बनाया आरबीआई का नया गवर्नर

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) ​​को अगला रिजर्व बैंक गवर्नर नियुक्त किया है. 1990 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी मल्होत्रा, शक्तिकांत दास (Shakikanta Das) की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल मंगलवार (10 दिसंबर, 2024) को समाप्त हो रहा है. मल्होत्रा के लिए आरबीआई गवर्नर की कुर्सी कांटों भरा ताज है. उनके सामने कई चुनौतियां हैं.

ब्याज दरों को लेकर फैसला

शक्तिकांत दास कर्ज को सस्ता बनाने के लिए दरों में कटौती के खिलाफ रहे हैं. उनका तर्क रहा है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए पैसे के प्रवाह को कंट्रोल करना जरूरी है. अक्टूबर में खुदरा महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक के दायरे की सीमा को पार कर चुकी है और 14 महीने बाद 6.21 फीसदी पर पहुंच चुकी है. 6 दिसंबर को लगातार ग्‍याहरवीं बार RBI ने रेपो रेट को जस का तस रखा. ऐसे में ब्याज दरों को लेकर नए आरबीआई गवर्नर को फैसला करना होगा. महंगाई को कंट्रोल करने और ग्रोथ को बढ़ावा देने के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती रहेगी.

डिजिटल बैंकिंग का विस्तार

देश में डिजिटल पेमेंट की संख्या में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. लोग यूपीआई (UPI) या फिर दूसरे माध्यम से डिजिटल पेमेंट करना पसंद करते हैं. अक्टूबर 2024 में 23.49 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 16 अरब से ज्यादा यूपीआई लेनदेन किए गए. डिजिटल पेमेंट के विस्तार के साथ फाइनेंशियल फ्रॉड्स के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में संजय मल्होत्रा के सामने फाइनेंशियल इंक्लूजन को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल लेनदेन को और सरल और सुरक्षित बनाने की चुनौती रहेगी.

नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA)

बैंकों के कर्ज डूबने की समस्या बढ़ती ही जा रही है. 2023-24 में नॉन परफॉर्मिंग एसेट यानी NPA की रिकवरी में 23 फीसदी की गिरावट आई है. 31 मार्च को खत्म हुए कारोबारी साल 2023-24 में 1 लाख 23 हजार 299 करोड़ रुपये के एनपीए रिकवर किए गए. उससे पहले 2022-23 में 1 लाख 59 हजार 787 करोड़ रुपये करोड़ रुपये की रिकवरी हुई थी. ऐसे में मल्होत्रा के सामने बैंकों की खराब लोन की स्थिति को सुधारने और बैंकिंग सेक्टर को मजबूत करने की चुनौती रहेगी.

6 साल गवर्नर रहे शक्तिकांत दास

गौरतलब है कि आरबीआई के मौजूदा गर्वनर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर को पूरा हो रहा है. शक्तिकांत दास करीब 6 साल तक आरबीआई के गवर्नर रहे. दास ने उर्जित पटेल के अचानक इस्तीफे के बाद जिम्मेदारी संभाली थी.

साभार : न्यूज18

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