कोर्ट ने गैर इस्लामिक घोषित किया इमरान खान और बुशरा बीवी का निकाह

Saransh Kanaujia
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान में चुनाव प्रचार अपने अंतिम दौर में चल रहा है और वोटिंग के लिए अब एक हफ्ते से भी कम समय ही बचे हैं. लेकिन इस बीच एक स्थानीय कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और बुशरा बीबी की शादी को अवैध (Un-Islamic) करार दे दिया है. ‘गैर-इस्लामिक निकाह’ मामले में जेल में बंद इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 7 साल कैद की भी सजा सुनाई गई है.

2022 के बाद से ही इमरान खान को लगातार सजा सुनाई जा ही है. 71 साल के इमरान की यह चौथी सजा है. इस सजा से अगले हफ्ते (8 फरवरी) होने वाले चुनावों से पहले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक की मुश्किलें बढ़ गई हैं. इस हफ्ते की शुरुआत में, इमरान खान को सिफर मामले (Cipher Case) में 10 साल और तोशाखाना मामले (Toshakhana Case) में 14 साल की सजा सुनाई गई थी. अब इद्दत मामले में इमरान को 7 साल की जेल की सजा सुनाई गई है, जिससे अब तक उन्हें 31 साल की जेल की सजा सुनाई जा चुकी है.

शादी के खिलाफ पूर्व पति ने किया केस

बुशरा बीबी के पहले पति, खावर मनेका ने शादी के खिलाफ कोर्ट में केस दाखिल किया था, जिसमें उनकी ओर से यह आरोप लगाया गया था कि उन्होंने दो विवाहों के बीच अनिवार्य विराम या इद्दत का पालन करने की इस्लामी प्रथा का उल्लंघन किया. मनेका ने अपनी पूर्व पत्नी और इमरान खान पर शादी से पहले निजी संबंध बनाने का भी आरोप लगाया, जिसमें पत्थर मारकर मौत की सजा देना का अपराध है.

स्थानीय मीडिया जियो न्यूज ने कहा, “शुक्रवार को रावलपिंडी के अदियाला जेल परिसर के अंदर 14 घंटे तक मामले की सुनवाई के अगले दिन आज शनिवार को सीनियर सिविल जज कुदरतुल्ला ने फैसला सुनाया.” मीडिया में कहा गया कि कुदरतुल्ला ने दोनों पर 5 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया. फैसला सुनाए जाने के समय इमरान और बुशरा दोनों ही कोर्ट रूम कक्ष में मौजूद थे.

5 अगस्त से जेल में बंद हैं इमरान खान

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पिछले साल 5 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था, जब उन्हें पाकिस्तान के चुनाव आयोग की ओर से दायर तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी पाया गया था, तभी पीटीआई संस्थापक को कैद कर लिया गया, पहले उन्हें अटॉक जेल में और बाद में अदियाला जेल में शिफ्ट कर दिया गया.

इद्दत मामले में अपनी सजा के ऐलान के बाद, इमरान खान ने रिपोर्ट्स से कहा कि उनके खिलाफ यह मामला उन्हें और उनकी पत्नी बुशरा बीबी दोनों को “अपमानित” करने के लिए बनाया गया था. एक अन्य मीडिया हाउस डॉन डॉट कॉम ने इमरान खान के हवाले से कहा, “इतिहास में अपने तरह का यह पहला उदाहरण है जहां इद्दत से संबंधित मामला शुरू किया गया है.” उन्होंने यह भी कहा, “यह भी पहली बार है कि जब किसी को तोशखाना भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की कैद की सजा सुनाई गई है.

बुशरा बीबी ने किया आरोपों का खंडन

कोर्ट में सुनवाई के दौरान कल शुक्रवार को, अभियोजन पक्ष के चार गवाहों से जिरह पूरी हो गई थी, जबकि इमरान खान और बुशरा बीबी ने 13 सवालों के जवाब देते हुए एक साझा बयान दिया था, लेकिन कोर्ट ने अतिरिक्त गवाह पेश करने के बचाव पक्ष के अनुरोध को खारिज कर दिया. साथ ही मामले से बरी करने की याचिका और क्षेत्राधिकार संबंधी दलीलों को भी खारिज कर दिया गया.

बुशरा बीबी ने 14 नवंबर, 2017 के तलाक प्रमाणपत्र को मनगढ़ंत करार दिया, जिसमें यह दावा किया गया है कि उन्होंने अप्रैल 2017 में मनेका से मौखिक तौर पर तीन तलाक लेने के बाद अप्रैल से अगस्त 2017 तक अपनी अनिवार्य इद्दत की अवधि पूरी कर ली थी. इमरान खान के साथ बुशरा की शादी 1 जनवरी, 2018 को हुई थी और कथित तौर पर यह दावा किया जाता है कि उन्होंने पीटीआई नेता के प्रधानमंत्री रहते हुए ऑफिस पर अपना खासा प्रभाव डाला था.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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