Tag Ashtavakra Gita Chapter 1 Verse 4 in Hindi

अष्टावक्र गीता श्लोक 4: इसी क्षण मानसिक तनाव और बंधनों से मुक्ति का अचूक सूत्र

शांत समुद्र के किनारे बैठे हुए एक व्यक्ति का चित्र जो साक्षीभाव और मानसिक संतुलन का प्रतीक है।

नई दिल्ली । शुक्रवार, 26 जून 2026 भारतीय आध्यात्मिक साहित्य में अष्टावक्र गीता का स्थान अद्वितीय है। जहाँ अन्य ग्रंथ साधना के लंबे और कठिन मार्गों की चर्चा करते हैं, वहीं महर्षि अष्टावक्र और राजा जनक का यह दिव्य संवाद…