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मंडल बनाम कमंडल: वह द्वंद्व जिसने गढ़ा आधुनिक भारत का राजनीतिक भूगोल

– डॉ अतुल मलिकराम भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ दशक ऐसे रहे हैं जिन्होंने आने वाली सदियों की दिशा तय की है। 1990 का दशक भी ऐसा ही एक प्रस्थान बिंदु था। यदि हमें समकालीन भारत की सामाजिक और…

राष्ट्रीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय रणनीतिकार नियुक्त हुए डॉ. अतुल मलिकराम; समाज के सशक्तिकरण का लिया संकल्प

भोपाल, मार्च 2026: राष्ट्रीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा ने सामाजिक कार्यों और राजनीतिक रणनीति के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले *डॉ. अतुल मलिकराम को संगठन का राष्ट्रीय रणनीतिकार* नियुक्त किया है। महासभा द्वारा यह निर्णय डॉ. मलिकराम के सामाजिक विजन…

पर्यावरण से आगे भारत के विकास का बड़ा अवसर ‘कार्बन क्रेडिट’

– डॉ. अतुल मलिकराम आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की चुनौती से जूझ रही है। मौसम का असंतुलन, बढ़ती गर्मी, अनियमित बारिश और प्राकृतिक आपदाएँ अब सामान्य बात बनती जा रही हैं। ऐसे समय में ‘कार्बन क्रेडिट’ शब्द अक्सर सुनने…

गुलामी में भी भारत को विश्व विजेता बनाने वाले मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न कब?

– डॉ अतुल मलिकराम कहा जाता है कि 1936 के बर्लिन ओलंपिक के बाद जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर ने भारतीय हॉकी टीम के जादूगर मेजर ध्यानचंद को अपने देश में उच्च पद और सम्मानजनक जीवन का प्रस्ताव दिया था।…

राजनीति, सेवा और नेतृत्व की अमर विरासत को प्रदर्शित करते भारत के प्रमुख सिख नेता

– डॉ. अतुल मलिकराम भारतीय लोकतंत्र की नींव उसकी अद्भुत विविधता और सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की भावना में निहित है। इसमें सिख समुदाय का योगदान अत्यंत गौरवशाली और प्रेरणादायक रहा है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज के…

2047 का भारत: ‘हरा, केसरिया और सिमटती सफ़ेद पट्टी’ भारत के भविष्य की चेतावनी

– डॉ. अतुल मलिकराम भारत जब 2047 में स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे करेगा, तब वह केवल एक ऐतिहासिक पड़ाव का उत्सव नहीं मना रहा होगा, बल्कि अपने सामाजिक, राजनीतिक और नैतिक विकास का गहन आत्ममंथन भी कर रहा होगा।…

क्या 2047 विकसित भारत की राजनीति, विश्वगुरु के नारे को साकार कर पायेगी?

 – डॉ. अतुल मलिकराम जब भारत 2047 में स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे करेगा, तब वह केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव नहीं मना रहा होगा, बल्कि अपने अब तक के राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक सफ़र का गंभीर आत्म-मूल्यांकन भी…

ओबीसी के लिए 27% आरक्षण कोई कृपा नहीं, हमारा संवैधानिक हक़ व अधिकार: राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम

भोपाल, जनवरी 2026: राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आम सभा में राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम ने भी शिरकत की और प्रदेश सरकार से ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण को…

घुमन्तु समाज के नए जीवन का आधार बनेगा राष्ट्रीय स्तर का कॉमन आइडेंटिटी कार्ड

 – डॉ अतुल मलिकराम भारत में घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और विमुक्त जातियों की संख्या देश की कुल आबादी की लगभग 10% है, जो अपनी खानाबदोश जीवनशैली के कारण अक्सर सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुविधाओं से वंचित रहते हैं। हाल ही में…