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अष्टावक्र गीता प्रथम अध्याय छठा श्लोक: क्या हम वास्तव में कर्मों के कर्ता हैं या सदा से मुक्त हैं?

महर्षि अष्टावक्र और राजा जनक का आध्यात्मिक संवाद.

नई दिल्ली । मंगलवार, 30 जून 2026 भारतीय अध्यात्मिक चेतना के शिखर ग्रंथ ‘अष्टावक्र गीता’ में महर्षि अष्टावक्र और राजा जनक के बीच का संवाद सीधे आत्मज्ञान (Self-Realization) की बात करता है। यहाँ किसी प्रकार के कठिन कर्मकांड, व्रत या…