Tag गृहस्थ जीवन में आत्मज्ञान कैसे प्राप्त करें

आत्मज्ञान ही जीवन का परम लक्ष्य: अष्टावक्र गीता के प्रथम श्लोक का गहन और व्यावहारिक अर्थ

अष्टावक्र गीता प्रथम श्लोक का अर्थ समझाते हुए ध्यानमग्न योगी

नई दिल्ली। सोमवार, 29 जून 2026 भारतीय सनातन दर्शन और वेदांत की परंपरा में अष्टावक्र गीता को अद्वैत दर्शन का सबसे अनमोल रत्न माना गया है। जहाँ श्रीमद्भगवद्गीता कुरुक्षेत्र के युद्ध मैदान में अर्जुन के विषाद को दूर करने के…