अष्टावक्र गीता श्लोक 9: ‘निश्चय रूपी अग्नि’ से अज्ञान के घने वन को कैसे जलाएं? जानिए इसका गहरा अर्थ

नई दिल्ली | मंगलवार, 7 जुलाई 2026 भारतीय आध्यात्मिक और सनातन परंपरा में अष्टावक्र गीता को आत्मज्ञान और अद्वैत वेदांत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शिखर ग्रंथ माना जाता है। इस दिव्य ग्रंथ में महर्षि अष्टावक्र और मिथिला के राजा…


