भारत में एकात्म मानववाद के सिद्धांत को अपनाकर हो आर्थिक विकास

– प्रहलाद सबनानी भारतीय संस्कृति के अनुसार ही भारतीय आर्थिक दर्शन में भी सृष्टि की समस्त इकाईयों, अर्थात व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र एवं समष्टि को एक माला की कड़ी के रूप में देखा गया है। एकता की इस कड़ी को…
