Category राष्ट्रीय

राष्ट्रीय

महर्षि सुश्रुत: दुनिया के पहले सर्जन जिन्होंने 2500 साल पहले की थी प्लास्टिक सर्जरी

महर्षि सुश्रुत द्वारा की जाने वाली प्राचीन शल्य चिकित्सा का चित्रण

प्राचीन भारत के महान चिकित्साशास्त्री महर्षि सुश्रुत को संपूर्ण विश्व में ‘शल्य चिकित्सा का जनक’ (Father of Surgery) माना जाता है। लगभग 600 ईसा पूर्व, यानी आज से करीब 2,500 वर्ष पहले, उन्होंने चिकित्सा विज्ञान को जिस ऊँचाई तक पहुँचाया,…

आरबीआई ऑफिस अटेंडेंट भर्ती: जानें अब आपके शहर में कितनी बची हैं रिक्तियां?

RBI Office Attendant Vacancy 2025 Official Notification Update

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Office Attendant (कार्यालय परिचारक) भर्ती 2026 के तहत एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक संशोधन किया है। इस बदलाव में देशभर की कुल रिक्तियों की संख्या में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, लेकिन क्षेत्रीय स्तर…

‘आज़ाद ही रहेंगे’: 15 कोड़ों से लेकर 15 गोलियों तक, रोंगटे खड़े कर देगी चंद्रशेखर आज़ाद की ये शौर्य गाथा

चंद्रशेखर आज़ाद की ऐतिहासिक तस्वीर

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चंद्रशेखर आज़ाद ऐसा नाम हैं, जो साहस, अडिग संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक बन चुका है। उनका जीवन किसी रोमांचक फिल्मी पटकथा से कम नहीं था—और उसका सबसे निर्णायक दृश्य है अल्फ्रेड पार्क…

सिंधु घाटी सभ्यता का नगर नियोजन: 5000 साल पहले भी आज से बेहतर थे हमारे शहर

सिंधु घाटी सभ्यता की पक्की ईंटों से बने घर

सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) केवल प्राचीन इतिहास का अध्याय नहीं है, बल्कि यह आज की स्मार्ट सिटी अवधारणा की जड़ भी है। लगभग 3000 ईसा पूर्व, जब दुनिया के अधिकांश हिस्सों में मानव समाज प्रारंभिक अवस्था में था,…

आनंद भवन का वह ‘अकेला’ बालक: जवाहरलाल नेहरू के बचपन का वह सच, जिसने उन्हें दुनिया से अलग बनाया

Young-Jawaharlal-Nehru-Childhood-Portrait-Anand-Bhavan

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जन्म 1889 में हुआ था। उनका बचपन किसी सामान्य भारतीय बच्चे जैसा नहीं था। परिवार, परिवेश और शिक्षा—तीनों ही स्तरों पर उनका अनुभव विशिष्ट रहा। बचपन का अकेलापन: व्यक्तित्व निर्माण की पहली सीढ़ी…

मणिकर्णिका: खिलौनों से नहीं, तलवारों से खेली थी काशी की यह बेटी; जानिए रानी लक्ष्मीबाई के बचपन की अनसुनी बातें

Manikarnika-Sword-Fighting-Training-Childhood-Warrior

रानी लक्ष्मीबाई का बचपन किसी सामान्य बालिका की तरह गुड़िया-खेलों और घरेलू सीमाओं तक सीमित नहीं था। उनका जीवन आरंभ से ही संघर्ष, अनुशासन और आत्मसम्मान से गढ़ा गया। उनका व्यक्तित्व शास्त्र (ज्ञान) और शस्त्र (वीरता)—दोनों के संतुलन से विकसित…

असहयोग आंदोलन से मोहभंग: वह मोड़ जिसने भगत सिंह को क्रांतिकारी बनाया

Balidani-Bhagat-Singh-Inquilab-Zindabad-Iconic-Pose

बलिदानी भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन विरले नायकों में हैं, जिन्हें केवल क्रांतिकारी कहना उनके व्यक्तित्व को सीमित कर देना होगा। वे एक प्रखर विचारक, तर्कशील लेखक और दूरदर्शी युवा थे, जिनका “इंकलाब ज़िंदाबाद” केवल नारा नहीं, बल्कि…

सुभाष चंद्र बोस: जब देशप्रेम के आगे छोटी पड़ गई अंग्रेजों की सबसे बड़ी नौकरी!

Subhash-Chandra-Bose-ICS-Officer-Uniform-Legacy

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में ऐसे व्यक्तित्व विरले ही हुए हैं, जिन्होंने निजी वैभव, सामाजिक प्रतिष्ठा और सत्ता के शिखर को स्वेच्छा से त्याग दिया हो। सुभाष चंद्र बोस ऐसे ही क्रांतिकारी राष्ट्रनायक थे, जिनकी आत्मा भारत की गुलामी…

बिना ‘शून्य’ के कैसा होता आपका बैंक बैलेंस और स्मार्टफोन? जानिए आर्यभट्ट की इस महान देन का महत्व

महान भारतीय गणितज्ञ आर्यभट्ट का चित्र और शून्य (0) का प्रतीक

“जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने, दुनिया को तब गिनती आई…” — यह पंक्ति केवल एक गीत नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के बौद्धिक इतिहास का प्रमाण है। शून्य (Zero) के बिना न आधुनिक गणित संभव होता, न कंप्यूटर एल्गोरिद्म, न…

चित्तौड़गढ़ के 3 ऐतिहासिक जौहर: जब अपनी अस्मत बचाने के लिए धधकती आग में कूद गईं हजारों राजपूत महिलाएं

रानी पद्मिनी और राजपूत महिलाओं के जौहर का प्रतीकात्मक चित्रण

मेवाड़ की धरती को यूँ ही ‘वीर प्रसूता भूमि’ नहीं कहा जाता। यह वह पावन क्षेत्र है जहाँ सम्मान, स्वाभिमान और मर्यादा को जीवन से भी ऊपर माना गया। राजस्थान के इतिहास में चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों से बना…