मध्य माली में जिहादी हमलों का तांडव: 70 से अधिक की मौत, राजधानी बमाको की घेराबंदी का खतरा

बमाको । रविवार, 10 मई 2026

माली एक बार फिर भीषण रक्तपात और असुरक्षा के दौर से गुजर रहा है। पिछले कुछ दिनों में मध्य माली के विभिन्न क्षेत्रों में हुए सुनियोजित जिहादी हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 70 से अधिक हो गई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि यह हिंसा पिछले महीने शुरू हुए बड़े हमले का ही विस्तार है, जिसने देश की सैन्य सरकार की नींव हिला दी है।

हमलों का सिलसिला और JNIM का हाथ

अल-कायदा से जुड़े संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन (JNIM) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। ताजा हिंसा की शुरुआत पिछले बुधवार को हुई, जब हथियारबंद लड़ाकों ने गांवों पर हमला कर कम से कम 30 निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद शुक्रवार को एक और समन्वित हमला किया गया।

स्थानीय युवा नेताओं और निवासियों ने सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक युवा नेता ने एएफपी को बताया, “हमारा दिल खून के आंसू रो रहा है। सेना की चौकियाँ पास ही थीं, लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बाद भी उन्होंने कोई दखल नहीं दिया।”

बमाको की घेराबंदी और जेल पर धावा

सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए सबसे चिंताजनक खबर राजधानी बमाको के पास बढ़ती हलचल है। इस सप्ताह की शुरुआत में, लड़ाकों ने राजधानी से मात्र 60 किमी दूर केनीरोबा सेंट्रल जेल पर हमला किया, जहाँ लगभग 2,500 कैदी बंद हैं। इसके साथ ही, JNIM ने एलान किया है कि वे बमाको की ओर जाने वाले प्रमुख राजमार्गों पर अपनी चौकियाँ स्थापित कर शहर की पूरी तरह से घेराबंदी करेंगे।

अजावाद लिबरेशन फ्रंट (FLA) और JNIM का गठबंधन

इस बार का हमला पहले के मुकाबले कहीं अधिक घातक है क्योंकि इसमें जिहादी गुट JNIM और तुआरेग-बहुल अजावाद लिबरेशन फ्रंट (FLA) ने हाथ मिला लिया है। 25-26 अप्रैल को हुए बड़े हमलों के बाद से ही यह गठबंधन सक्रिय है।

  • रक्षा मंत्री की मृत्यु: पिछले महीने हुए विस्फोटों में माली के रक्षा मंत्री सादियो कामारा की जान चली गई थी।

  • रूसी सेना का पीछे हटना: माली की सत्ताधारी परिषद का साथ दे रही रूसी ‘अफ्रीका कॉर्प्स’ को उत्तरी रणनीतिक शहर किदाल से पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा है।

सेना का पक्ष

माली की सेना के कमांडर जिब्रिला माइगा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि खतरा अभी भी बरकरार है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी फिर से एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सेना उन्हें रोकने के लिए लगातार अभियान चला रही है।

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