उत्तराखंड: ऊधमसिंह नगर में मतांतरण के खेल का पर्दाफाश, प्रशासन ने कसी कमर

देहरादून | गुरुवार, 07 मई 2026  

देवभूमि उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद में धर्मांतरण (मतांतरण) का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। नानकमत्ता के नवीनगर से शुरू हुई यह चिंगारी अब पूरे जिले में फैल चुकी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ईसाई मिशनरियों द्वारा थारू, बुक्सा और राय सिख समाज के भोले-भले लोगों को लक्षित कर उन्हें मतांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है।

दो कमेटियों का गठन: जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जिले में दो विशेष कमेटियों का गठन किया है। ये कमेटियां न केवल शिकायतों की जांच करेंगी, बल्कि मिशनरियों के पूरे नेटवर्क को भी खंगालेगी।

  1. पहली टीम (नानकमत्ता क्षेत्र): एडीएम प्रशासन पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में यह टीम नानकमत्ता और आसपास के गांवों की जांच कर रही है।

  2. दूसरी टीम (गदरपुर से जसपुर): एडीएम वित्त एवं राजस्व कौस्तुभ मिश्रा के नेतृत्व में यह नई टीम पश्चिमी हिस्से की कमान संभालेगी।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

जांच के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रार्थना सभाओं और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी ढिलाई के कारण मिशनरियों का जाल नवीनगर, सरौंजा, सुनखरीकलां और देवीपुरा जैसे सुदूर क्षेत्रों तक फैल गया।

क्या कहती है प्रशासनिक जांच?

एडीएम पंकज उपाध्याय की जांच में पुष्टि हुई है कि रविवार के दिन गुप्त रूप से प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं। गदरपुर में तो जिलाधिकारी के निर्देश पर एक विवादित धार्मिक स्थल को सील भी कर दिया गया है। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इन मिशनरियों को फंडिंग कहाँ से मिल रही है और इसके पीछे कौन से बड़े संगठन शामिल हैं।

नोट: पूर्व में आई कुछ रिपोर्टों में इसे केवल एक स्थानीय विवाद बताया गया था, लेकिन प्रशासनिक जांच ने स्पष्ट कर दिया है कि यह एक संगठित नेटवर्क है जो जनपद की अनुसूचित जाति और जनजाति की जनसांख्यिकी को बदलने का प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने अब इसमें स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) को भी सक्रिय कर दिया है।

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