पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन: भाजपा की ऐतिहासिक जीत और नई सरकार का रोडमैप

कोलकाता | बुधवार, 6 मई 2026

पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। दशकों तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गढ़ रहे इस राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। 2026 के विधानसभा चुनाव के परिणामों ने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश की राजनीति को चौंका दिया है।

9 मई को होगा शपथ ग्रहण समारोह

पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आधिकारिक घोषणा की है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। यह स्थान भाजपा के लिए प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी की कई बड़ी रैलियां यहीं हुई थीं।

  • विधायक दल की बैठक: मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाने के लिए कल यानी गुरुवार शाम को नव-निर्वाचित विधायकों की बैठक होगी।

  • केंद्रीय पर्यवेक्षक: भाजपा संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। अमित शाह 7 मई को कोलकाता पहुंचकर नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे।

चुनावी आंकड़े: भाजपा का प्रचंड बहुमत

चुनाव आयोग द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में भारी जीत दर्ज की है।

राजनीतिक दल सीटें (2026) स्थिति
भारतीय जनता पार्टी (BJP) 207 बहुमत
तृणमूल कांग्रेस (TMC) 80 विपक्ष
कांग्रेस (INC) 2 अन्य
अन्य 4 अन्य

भवानीपुर का महामुकाबला: सुवेंदु अधिकारी की जीत

इस चुनाव की सबसे बड़ी सुर्खी भवानीपुर सीट रही, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सामना उनके पूर्व सहयोगी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से था। अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से हराकर उनके गढ़ में ही उन्हें शिकस्त दी। सुवेंदु अधिकारी को कुल 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोटों से संतोष करना पड़ा।

नई विधानसभा के गठन की अधिसूचना

पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने राज्यपाल आर.एन. रवि को चुनाव आयोग की आधिकारिक अधिसूचना और जीते हुए उम्मीदवारों की सूची सौंप दी है।

  • फाल्टा सीट: निर्वाचन क्षेत्र संख्या 144 (फाल्टा) में कुछ चुनावी अनियमितताओं के कारण पुनर्मतदान के आदेश दिए गए हैं, जिसकी तिथि जल्द घोषित होगी।

  • संवैधानिक स्थिति: जब ममता बनर्जी के इस्तीफे में देरी पर सवाल पूछा गया, तो अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यह मुख्यमंत्री और राजभवन के बीच का मामला है और आयोग ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है।

ममता बनर्जी का रुख और आरोप

निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा ने “मशीनों और बल का प्रयोग” कर जनादेश लूटा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों का हवाला देते हुए इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

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