आगरा धर्मांतरण सिंडिकेट: फंडिंग से लेकर ‘ब्रेनवॉश’ तक, पुलिस ने दबोचे गिरोह के 4 और मास्टरमाइंड

आगरा | शनिवार,  1 मई 2026

आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने अवैध धर्मांतरण के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार और शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में चल रही इस जांच ने यह साफ कर दिया है कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि कनाडा जैसे देशों से मिल रही फंडिंग और डिजिटल माध्यमों के सहारे युवाओं को निशाना बना रहा था।

प्रमुख गिरफ्तारियां और उनके काम करने का तरीका

गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से प्रत्येक की भूमिका किसी कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर की तरह बंटी हुई थी:

  1. तालमीज उर रहमान (फंडिंग मैनेजर): दिल्ली निवासी तालमीज जूते के व्यापार की आड़ में कनाडा स्थित ‘दाऊद’ के संपर्क में था। इसका मुख्य काम धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग का इंतजाम करना था।

  2. मौलाना हसन मोहम्मद (दस्तावेज विशेषज्ञ): यह आरोपी धर्मांतरण के बाद युवतियों के निकाहनामे और अन्य कानूनी कागजात तैयार करवाता था ताकि प्रक्रिया को ‘वैध’ रूप दिया जा सके।

  3. परवेज अख्तर (लेखक/प्रचारक): दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक परवेज का काम बौद्धिक था। वह अन्य धर्मों की कमियां निकालकर किताबें लिखता था ताकि युवाओं को इस्लाम की ओर आकर्षित किया जा सके।

  4. जतिन कपूर उर्फ जाशिम (सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर): एमबीए पास जतिन खुद धर्म परिवर्तन कर चुका था। वह वेबसाइट डिजाइनिंग और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं का ‘ब्रेनवॉश’ करने में माहिर था।

अब तक की बड़ी उपलब्धियां

  • 18 गिरफ्तारियां: पिछले साल सदर क्षेत्र से दो बहनों को मुक्त कराने के बाद शुरू हुई इस जांच में अब तक कुल 18 लोग सलाखों के पीछे जा चुके हैं।

  • विदेशी लिंक: कनाडा में छिपे मास्टरमाइंड दाऊद की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।

  • पीड़ितों की सुरक्षा: अब तक एक दर्जन से अधिक युवतियों को इस गिरोह के चंगुल से छुड़वाया जा चुका है।

अपडेट 

प्रारंभिक रिपोर्टों में इसे केवल स्थानीय गिरोह माना जा रहा था, लेकिन जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि:

  • यह ISIS तर्ज पर काम करने वाला एक संगठित सिंडिकेट है।

  • इसमें डार्क वेब और सिग्नल ऐप जैसे सुरक्षित प्लेटफार्मों का उपयोग किया जा रहा था।

  • गैंग का विस्तार उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, राजस्थान और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है।

महत्वपूर्ण नोट: पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर इनके बैंक खातों की विस्तृत जांच करेगी ताकि फंडिंग के बड़े स्रोतों का पूरी तरह खुलासा हो सके।

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