भुज | शनिवार, 25 अप्रैल 2026
गुजरात की एक विशेष अदालत ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए छह पाकिस्तानी नागरिकों को उम्रकैद जैसी सख्त सजा सुनाई है। भुज स्थित छठी अतिरिक्त सत्र एवं विशेष NDPS अदालत ने 384.68 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन तस्करी के मामले में सभी आरोपियों को 20-20 साल की कठोर कैद की सजा दी है।
प्रमुख जानकारी और नवीनतम अपडेट
यह मामला दिसंबर 2021 का है, जब भारतीय जलक्षेत्र में एक बड़ा Joint Operation चलाया गया था। अदालत के फैसले में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं:
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जुर्माना: सजा के साथ-साथ प्रत्येक दोषी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त 2 साल की सजा काटनी होगी।
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बचाव पक्ष की दलील और फैसला: अदालत ने टिप्पणी की कि नशीले पदार्थों की तस्करी न केवल समाज को बर्बाद करती है, बल्कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा (Internal Security) के लिए भी बड़ा खतरा है।
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पकड़ी गई खेप: अंतरराष्ट्रीय बाजार में 76.936 किलोग्राम हेरोइन की कीमत 384.68 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
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आपरेशन का विवरण: 20 दिसंबर 2021 को Gujarat ATS और Indian Coast Guard ने जखाऊ तट से 35 नॉटिकल मील दूर ‘अल हुसेनी’ (Al Huseini) नामक पाकिस्तानी नाव को घेरा था।
दोषियों की पहचान
सजा पाने वाले सभी आरोपी पाकिस्तान के कराची के रहने वाले हैं:
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मोहम्मद इमरान मोहम्मद तारिक वाघेर (31)
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दानिश मोहम्मद हुसैन कच्छी वाघेर (24)
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सागर मोहम्मद कच्छी वाघेर (23)
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इस्माइल इब्राहिम बदाला/बराला (75) – नोट: यह सबसे बुजुर्ग दोषी है।
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मोहम्मद साजिद मोहम्मद हुसैन याकुबला कुंगरा (24)
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अशफाक मोहम्मद इशाक वाघेर (26)
नोट : प्रारंभिक रिपोर्टों में कभी-कभी जब्त हेरोइन की मात्रा को लगभग 77 किलो बताया गया था, लेकिन अदालत के दस्तावेजों में इसकी सटीक मात्रा 76.936 किलोग्राम दर्ज की गई है। इसके अलावा, एक भारतीय नागरिक अमीन करीम सुरानी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
