कश्मीर यूनिवर्सिटी में यौन शोषण कांड: वैज्ञानिक सज्जाद खान निलंबित, शादी का झांसा देकर लाखों की ठगी का आरोप

जम्मू । बुधवार, 22 अप्रैल 2026

कश्मीर विश्वविद्यालय (UoK) के प्रशासन ने कंप्यूटर साइंस विभाग में तैनात वैज्ञानिक सज्जाद मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई श्रीनगर के महिला पुलिस स्टेशन (रामबाग) में दर्ज FIR संख्या 11/2026 के आधार पर की गई है। आरोपी सौरा (Srinagar) का निवासी है।

पीड़िता के गंभीर आरोप: 2018 से जारी था शोषण

28 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में दिल दहला देने वाले खुलासे किए हैं। महिला के अनुसार:

  1. यौन शोषण: आरोपी ने 2018 में पहली बार संबंध बनाए और शादी का वादा कर लगातार शोषण किया।

  2. जबरन गर्भपात: पीड़िता का आरोप है कि इस अवधि के दौरान वह कई बार गर्भवती हुई, लेकिन आरोपी ने दबाव बनाकर उसका गर्भपात कराया।

  3. वित्तीय शोषण: आरोपी ने कथित तौर पर महिला को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल कर लाखों रुपये हड़पे। पीड़िता ने अपनी जमीन बेची, सोने के गहने गिरवी रखे और UCO बैंक से आरोपी के नाम पर लोन भी लिया।

  4. आलीशान जीवनशैली: आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल सज्जाद ने अपना आलीशान घर बनाने और महंगी जीवनशैली जीने के लिए किया।

Matribhumi Samachar – Crime News

धमकी और ब्लैकमेलिंग का नया मोड़

ताजा जानकारी के अनुसार, जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी मुकर गया। इतना ही नहीं, आरोप है कि उसने पीड़िता की निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी और उसके परिवार को भी डराया-धमकाया।

कानूनी स्थिति और पुलिस की जांच

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (रेप) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उन वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है जिनका उल्लेख पीड़िता ने किया है। बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि मामले की पुष्टि की जा सके।

नोट: पूर्व में कुछ अपुष्ट खबरों में इसे केवल वित्तीय विवाद बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस की FIR और यूनिवर्सिटी के निलंबन आदेश ने पुष्टि कर दी है कि यह मामला धारा 64 (रेप) के तहत दर्ज है। यूनिवर्सिटी की आंतरिक जांच समिति (ICC) भी इस मामले में अलग से रिपोर्ट तैयार कर सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *