कानपुर मंडी भाव: गेहूं और सरसों की कीमतों में बड़ा उलटफेर, जानें आज के ताजा भाव और भविष्य का अनुमान

कानपुर | शनिवार, 18 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक नगरी कानपुर की अनाज मंडियों (कलेक्टरगंज और चकरपुर) में शनिवार को भारी हलचल दर्ज की गई। रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के परवान चढ़ने के साथ ही मंडी में आवक और मांग के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। जहाँ एक तरफ सरसों की कीमतों में मजबूती आई है, वहीं गेहूं के भाव एमएसपी (MSP) के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं।

गेहूं के भाव: सरकारी खरीद और बाजार के बीच मुकाबला

इस सीजन के लिए केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया है। कानपुर मंडी में आज दड़ा क्वालिटी का गेहूं ₹2,300 से ₹2,625 के बीच बिका, जबकि प्रीमियम क्वालिटी ₹2,850 तक पहुंच गई।

  • बाजार विश्लेषण: बेमौसम बारिश के कारण मंडियों में आवक थोड़ी देरी से शुरू हुई है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों में उछाल की संभावना जताई जा रही है।

सरसों और तिलहन: किसानों के चेहरे पर मुस्कान

सरसों के बाजार में आज तेजी का रुख रहा। मंडी में सरसों ₹5,340 से ₹6,000 प्रति क्विंटल के दायरे में रही।

  • बड़ी खबर: रबी सीजन 2026-27 के लिए सरसों का नया एमएसपी ₹6,200 घोषित हो चुका है। वर्तमान भाव एमएसपी के करीब पहुंचने से किसानों में उत्साह है। खाद्य तेल मिलों की ओर से बढ़ती मांग ने कीमतों को अच्छा सहारा दिया है।

मंडी भाव की विस्तृत तालिका (18 अप्रैल 2026)

श्रेणी जिंस (Commodity) न्यूनतम भाव (₹) अधिकतम भाव (₹)
अनाज गेहूं (बेहतर क्वालिटी) 2,800 2,850
गेहूं (दड़ा) 2,300 2,625
मक्का 1,900 2,200
धान 1,815 2,400 (सरबती)
तिलहन सरसों 5,340 6,000
दलहन चना 5,000 5,600
अरहर (दाल) 10,000 10,550
मटर 3,800 4,070
उड़द दाल 8,000 13,700
मूंग दाल 8,500 10,000

दालों के बाजार में मिलाजुला रुख

दलहन बाजार में उड़द और मूंग दाल के भाव स्थिर बने हुए हैं। उड़द दाल जहां ₹13,700 प्रति क्विंटल के उच्चतम स्तर को छू रही है, वहीं मूंग दाल ₹8,500 से ₹10,000 के बीच कारोबार कर रही है। अरहर के भाव में हल्की नरमी देखी गई है क्योंकि सरकार ने आयात नीतियों में कुछ ढील दी है ताकि घरेलू कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके।

आगे क्या होगा? व्यापारियों की राय

मंडी विशेषज्ञों के अनुसार, अगले एक हफ्ते में गेहूं की आवक चरम पर होगी। यदि मौसम साफ रहता है, तो आवक बढ़ने से कीमतों में मामूली गिरावट आ सकती है। हालांकि, निर्यात की अनुमति और वैश्विक मांग को देखते हुए गेहूं और सरसों के भावों में लंबी अवधि में मजबूती के ही संकेत हैं।

विशेष सलाह: मंडी भाव में हर घंटे बदलाव संभव है। किसान भाई अपनी उपज मंडी ले जाने से पहले स्थानीय आढ़तियों या यूपी एग्री (UPAg) पोर्टल पर नवीनतम जानकारी अवश्य चेक करें।

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