धर्मनगरी हरिद्वार में अब ‘नो मीट जोन’: नगर निगम ने शहर के भीतर मांस की बिक्री पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध, जानें क्या हैं नए नियम

हरिद्वार | मंगलवार, 7 अप्रैल 2026

धार्मिक नगरी हरिद्वार को मांस मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सोमवार को मेयर किरण जैसल की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में शहर के भीतर मांस की दुकानों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। अब शहर के भीतर चल रही सभी 57 चिन्हित मीट दुकानों को नगर निगम की सीमा से बाहर सराय गांव में नवनिर्मित दुकानों में स्थानांतरित किया जाएगा।

ऑनलाइन डिलीवरी और खुले में बिक्री पर सख्ती

नगर निगम ने इस बार नियमों को और भी कड़ा कर दिया है। केवल भौतिक दुकानें ही नहीं, बल्कि Blinkit, Zomato, और Swiggy जैसे ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे शहर की सीमा के भीतर कच्चे मांस की होम डिलीवरी नहीं कर सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

निर्णय के पीछे के प्रमुख कारण:

  1. धार्मिक मर्यादा: हरिद्वार एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। गंगा की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए यह फैसला लिया गया।

  2. अर्धकुंभ 2027: अगले वर्ष होने वाले अर्धकुंभ मेले से पहले शहर के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता मानकों को सुधारना।

  3. स्वच्छता और आवारा पशु: खुले में मांस की बिक्री से होने वाली गंदगी और इसके कारण बढ़ने वाले आवारा कुत्तों की समस्या पर लगाम लगाना।

क्या खुला रहेगा और क्या बंद? (Quick Look)

गतिविधि स्थिति विवरण
कच्चे मांस की दुकानें 🚫 प्रतिबंधित शहर की सीमा के अंदर व्यावसायिक बिक्री पूरी तरह बंद।
ऑनलाइन डिलीवरी 🚫 प्रतिबंधित कच्चे मांस की होम डिलीवरी पर पूरी तरह रोक।
व्यक्तिगत उपभोग अनुमति लोग शहर के बाहर से मीट खरीदकर घर में सेवन कर सकते हैं।
पका हुआ मीट (होटल) विचाराधीन रेस्तरां और होटल के पके भोजन पर निर्णय भविष्य में लिया जाएगा।

विरोध और आपत्तियां

हालांकि इस प्रस्ताव को बहुमत मिला, लेकिन कुछ स्थानीय पार्षदों (विशेषकर ज्वालापुर क्षेत्र से) ने इस पर चिंता जताई है। स्वतंत्र पार्षद अहसान अंसारी ने कहा कि इस फैसले से करीब 100 से अधिक परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। वहीं, नगर आयुक्त नंदन कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन दुकानदारों के पास वैध लाइसेंस हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सराय गांव में दुकानें आवंटित की जाएंगी और बाकी अवैध दुकानों को सील कर दिया जाएगा।

इतिहास में पहली बार इतना बड़ा दायरा

हरिद्वार में हर की पैड़ी के 5 किलोमीटर के दायरे में पहले से ही मांस-मदिरा प्रतिबंधित थी। लेकिन अब इस नए प्रस्ताव के बाद, प्रतिबंध का दायरा बढ़ाकर पूरे नगर निगम क्षेत्र तक कर दिया गया है। मेयर किरण जैसल ने इसे ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ करार देते हुए कहा कि धर्मनगरी की मर्यादा को बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्य बिंदु:

  • नगर निगम की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित, 30 से अधिक पार्षदों का समर्थन।

  • कच्चे मांस की दुकानों को नगर सीमा से बाहर ‘सराय गांव’ में शिफ्ट किया जाएगा।

  • Swiggy, Zomato और Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक।

  • अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों और धार्मिक आस्था को देखते हुए लिया गया बड़ा फैसला।

न्यूज अपडेट: नगर निगम अब इस फैसले को राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है, जिसके बाद इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया जाएगा।

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