लखनऊ में आतंकी साजिश का पर्दाफाश: रेलवे सिग्नल और गैस सिलेंडर ट्रक थे निशाने पर, QR कोड से हुई टेरर फंडिंग

लखनऊ | सोमवार, 06 अप्रैल 2026

Lucknow Terrorist Arrest Update: उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (UP ATS) ने राजधानी लखनऊ समेत यूपी के कई बड़े शहरों को दहलाने की एक भीषण आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। 3 अप्रैल 2026 को लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किए गए चार संदिग्धों— साकिब उर्फ ‘डेविल’, अरबाब, विकास गहलावत और लोकेश से पूछताछ और उनके डिजिटल उपकरणों की जांच में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं।

📱 ‘ऑडियो क्लिप्स’ में कैद खौफनाक साजिश

एटीएस को आरोपियों के पास से बरामद 7 मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स द्वारा भेजे गए कई वॉयस नोट्स मिले हैं। इन ऑडियो क्लिप्स में हमले की पूरी ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार थी:

  • टारगेट और रेकी: क्लिप्स में स्पष्ट निर्देश थे कि लखनऊ रेलवे स्टेशन के सिग्नल बॉक्स और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को कैसे निशाना बनाना है।

  • तबाही का वीडियो: पाकिस्तानी हैंडलर्स ने निर्देश दिया था कि धमाके या आगजनी के तुरंत बाद वहां मचने वाली अफरातफरी और जनहानि के वीडियो बनाकर भेजे जाएं, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ प्रोपोगेंडा के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

  • अगले निशाने: लखनऊ के बाद अलीगढ़, गाजियाबाद और धार्मिक नगरों में बड़े नेताओं व भीड़भाड़ वाले स्थानों की रेकी करने के आदेश दिए गए थे।

💳 QR कोड से होती थी ‘टेरर फंडिंग’

जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस मॉड्यूल को चलाने के लिए पैसों का लेनदेन QR कोड के जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा था।

  • साकिब (जो पेशे से नाई है और मुख्य सरगना है) को छोटी आगजनी की घटनाओं और रेकी के वीडियो भेजने के बदले 15 से 20 हजार रुपये मिलते थे।

  • एटीएस अब उन खातों की ‘मनी ट्रेल’ खंगाल रही है जिनसे यह रकम भेजी गई थी। शक है कि दुबई या अन्य देशों के रास्ते यह पैसा पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा भेजा जा रहा था।

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🛤️ रेलवे और गैस सिलेंडर वाले ट्रक थे निशाने पर

पकड़े गए संदिग्धों का मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिति को चोट पहुंचाना और दहशत फैलाना था। इनके प्लान में शामिल था:

  1. रेलवे सिग्नल बॉक्स: ट्रेन परिचालन ठप करने के लिए सिग्नल सिस्टम को उड़ाना।

  2. गैस सिलेंडर ट्रक: भीड़भाड़ वाले इलाकों में गैस सिलेंडर से लदे ट्रकों में धमाका करना ताकि नुकसान को कई गुना बढ़ाया जा सके।

  3. प्रतिष्ठित संस्थान: नोएडा और गाजियाबाद में बड़े संस्थानों और राजनीतिक हस्तियों की रेकी करना।

🕵️ मास्टरमाइंड का दुबई कनेक्शन?

इसी बीच, मास्टरमाइंड आकिब (जो साकिब का सहयोगी बताया जा रहा है) ने दुबई से एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। हालांकि, एटीएस ने इन दावों को खारिज करते हुए आरोपियों को 5 दिन की रिमांड पर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों को ‘गजवा-ए-हिंद’ और ओसामा बिन लादेन जैसी कट्टरपंथी विचारधारा के नाम पर भड़काया गया था।

🔍 वर्तमान स्थिति

एटीएस अब साकिब के मोबाइल से मिले अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नंबरों की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। आरोपियों के पास से ज्वलनशील पदार्थ, संदिग्ध पंपलेट और कई मोबाइल बरामद हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि इस नेटवर्क के ‘स्लीपर सेल्स’ अभी भी राज्य के अन्य हिस्सों में सक्रिय हो सकते हैं, जिसके चलते हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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