माँ विंध्यवासिनी धाम में ‘तीसरी आँख’ का पहरा: UP का पहला AI-ड्रोन सुरक्षित धार्मिक स्थल बना मिर्जापुर

मिर्जापुर | शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

विंध्यवासिनी कॉरिडोर के निर्माण के बाद माँ विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में ऐतिहासिक उछाल आया है। अकेले इस वर्ष के चैत्र नवरात्र में 47 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। श्रद्धालुओं की इसी अपार भीड़ और क्षेत्र की जटिल भौगोलिक स्थिति (पहाड़, गुफाएं और जंगल) को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने विंध्यधाम को प्रदेश का पहला ‘AI-ड्रोन सुरक्षित’ धार्मिक स्थल घोषित कर दिया है।

आसमान से ‘तीसरी आँख’ रखेगी हर गतिविधि पर नज़र

पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के अनुसार, शासन द्वारा मिर्जापुर पुलिस को दो अत्याधुनिक AI-आधारित ड्रोन कैमरे सौंपे गए हैं। इनकी विशेषताएं इन्हें सामान्य ड्रोनों से अलग बनाती हैं:

  1. थर्मल इमेजिंग: ये ड्रोन शरीर के तापमान के आधार पर घने जंगलों या अंधेरी गुफाओं में छिपे व्यक्तियों की पहचान कर सकते हैं।

  2. स्मार्ट ट्रैकिंग: AI तकनीक के जरिए भीड़ में किसी खास संदिग्ध चेहरे या वाहन के नंबर प्लेट को ऑटोमैटिक ट्रैक किया जा सकेगा।

  3. रियल-टाइम एनालिसिस: विंध्य कॉरिडोर के सकल रास्तों पर भीड़ का दबाव बढ़ते ही ड्रोन कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेगा, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति को रोका जा सके।

जंगल और तस्करी के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

विंध्य क्षेत्र के अहरौरा और चुनार के जंगल लंबे समय से मवेशी तस्करों और असामाजिक तत्वों के लिए चुनौती रहे हैं। अब लो-लाइट और NIR (Near Infrared) सेंसर से लैस ये ड्रोन रात में भी साफ विजुअल देंगे। इससे न केवल तस्करी रुकेगी, बल्कि जंगलों में लगने वाली आग (Forest Fire) की भी शुरुआती जानकारी मिल सकेगी।

सुरक्षा का पूरा ढांचा एक नजर में:

सुरक्षा घटक विवरण
हाई-टेक ड्रोन 02 (AI, थर्मल और नाइट विजन युक्त)
CCTV नेटवर्क 202 नए कैमरों के साथ पूरा धाम कवर
सुरक्षा बल 95 विशेष तैनात पुलिसकर्मी
स्नाइपर टीम 04 सदस्यीय एक्सपर्ट स्नाइपर टीम
नोडल अधिकारी क्षेत्राधिकारी (CO) स्तर के अधिकारी

श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा?

इस नई व्यवस्था के बाद श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा। पुलिस का पहुंचना जहां मुश्किल है, वहां ड्रोन मार्गदर्शन करेगा। गंगा घाटों से लेकर विंध्य की ऊंची पहाड़ियों तक अब चौबीसों घंटे डिजिटल पहरा रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य विंध्यवासिनी धाम को वैश्विक स्तर के सुरक्षित पर्यटन और धार्मिक हब के रूप में स्थापित करना है।

मुख्य बिंदु:

  • नाइट विजन और इंफ्रारेड: रात के घने अंधेरे में भी परिंदा पर नहीं मार सकेगा।

  • AI आधारित ड्रोन: भीड़ में छिपे अपराधियों और संदिग्ध वाहनों की खुद करेगा पहचान।

  • सुरक्षा का आधुनिक मॉडल: ₹17 लाख की लागत से तैनात हुए हाई-टेक ड्रोन और 202 नए CCTV कैमरे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *