कानपुर मंडी भाव: उड़द की कीमतों ने मारी लंबी छलांग, क्या गेहूं भी होगा महंगा? जानें आज के ताज़ा दाम

कानपुर | गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक मंडी कानपुर में गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को अनाज और दलहन के कारोबार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां एक ओर मांग बढ़ने से गेहूं की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर दालों और मोटे अनाजों के भाव स्थिर बने हुए हैं। व्यापारियों का मानना है कि नई फसल की आवक और त्योहारों के सीजन के चलते बाजार में हलचल बढ़ सकती है।

गेहूं के बाजार में तेजी, क्वॉलिटी के हिसाब से बढ़े दाम

मंडी में गेहूं की आवक सामान्य है, लेकिन मिलों की ओर से बढ़ती मांग के कारण कीमतों में सुधार देखा गया। गेहूं (औसत) का भाव ₹2,585 से ₹2,625 प्रति क्विंटल के बीच रहा। प्रीमियम श्रेणियों में भी बढ़त दर्ज की गई:

  • आर.आर.21 किस्म: ₹2,700 से ₹2,750 प्रति क्विंटल।

  • फार्म गेहूं: ₹2,800 से ₹2,850 प्रति क्विंटल।

जौ, मक्का और बाजरा जैसे मोटे अनाजों में स्थिरता बनी रही। जौ ₹2,350 और मक्का ₹1,900 के अधिकतम स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।

दलहन बाजार: उड़द के दाम सातवें आसमान पर

दालों के बाजार में मजबूती बरकरार है। विशेषकर हरी उड़द की कीमतों ने सबको चौंकाया है, जो ₹11,000 प्रति क्विंटल के पार पहुंच गई है। अरहर और मूंग की दालों में भी उपभोक्ता मांग के कारण भाव ऊंचे स्तर पर टिके हुए हैं।

आज के प्रमुख दलहन भाव (₹ प्रति क्विंटल):

| फसल | न्यूनतम भाव | अधिकतम भाव |

| :— | :— | :— |

| चना | ₹5,400 | ₹5,500 |

| अरहर (तुअर) | ₹7,000 | ₹7,500 |

| मूंग | ₹6,000 | ₹7,800 |

| उड़द (हरा) | ₹10,800 | ₹11,100 |

| मसूर | ₹5,650 | ₹5,850 |

| मटर | ₹3,800 | ₹3,900 |

तिलहन और चावल: सरसों में ठहराव, बासमती की चमक बरकरार

खाद्य तेलों की बात करें तो सरसों ₹5,385 से ₹5,400 प्रति क्विंटल पर स्थिर रही। चावल के बाजार में बासमती की विभिन्न किस्मों की जबरदस्त मांग है। चावल के भाव गुणवत्ता के आधार पर ₹7,000 से लेकर ₹11,000 प्रति क्विंटल के बीच बोले जा रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय: आगे क्या होगा?

बाजार विशेषज्ञों और स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, वर्तमान में आवक और मांग का संतुलन बना हुआ है। हालांकि, आने वाले सप्ताह में निम्नलिखित कारकों का असर कीमतों पर पड़ सकता है:

  1. नई फसल की आवक: अप्रैल के मध्य तक मंडियों में नई फसल की आवक बढ़ने की संभावना है, जिससे कीमतों में हल्का सुधार या गिरावट आ सकती है।

  2. मौसम का मिजाज: यदि मौसम में अचानक बदलाव आता है, तो लॉजिस्टिक्स और स्टॉक पर असर पड़ सकता है।

  3. निर्यात मांग: चावल और गेहूं की अंतरराष्ट्रीय मांग भी स्थानीय कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

नोट: मंडी में भाव हर घंटे आवक और बोली के आधार पर बदल सकते हैं। किसानों और व्यापारियों को सलाह दी जाती है कि वे सौदा करने से पहले मंडी कार्यालय से ताजा भाव की पुष्टि अवश्य कर लें।

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