भवानीपुर से नंदीग्राम तक हिले अधिकारी; चुनाव आयोग ने 173 थाना प्रभारियों को बदला

कोलकाता | सोमवार, 30 मार्च, 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही निर्वाचन आयोग (ECI) फुल एक्शन मोड में आ गया है। राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए रविवार रात एक साथ 173 थानों के प्रभारियों (OC/IC) सहित कुल 184 पुलिस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है।

इस फेरबदल की तपिश मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर से लेकर विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के गढ़ नंदीग्राम तक महसूस की जा रही है।

🚨 मुख्य आकर्षण: बड़े चेहरों और क्षेत्रों में बदलाव

आयोग ने उन संवेदनशील इलाकों पर विशेष ध्यान दिया है जहाँ पिछले चुनावों में राजनीतिक हिंसा की खबरें आई थीं।

  • भवानीपुर (Kolkata): STF इंस्पेक्टर सौमित्र बसु को भवानीपुर का नया ओसी (OC) नियुक्त किया गया है।

  • नंदीग्राम (East Midnapore): हाई-प्रोफाइल सीट नंदीग्राम की कमान अब शुभब्रत नाथ के हाथों में होगी।

  • कोलकाता के अहम थाने: राजधानी के 31 थानों में नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है, जिनमें अलीपुर (प्रियांकर चक्रवर्ती), पार्क स्ट्रीट (निरूपम नाथ), और एकबालपुर (दिलीप सरकार) शामिल हैं।

📊 तबादलों का विस्तृत विवरण

आयोग द्वारा जारी सूची के अनुसार, केवल पुलिस ही नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर चुनाव संभालने वाले 83 ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) का भी तबादला किया गया है।

क्षेत्र/पद अधिकारी का नाम (नया प्रभार)
नंदीग्राम (OC) शुभब्रत नाथ
भवानीपुर (OC) सौमित्र बसु
पार्क स्ट्रीट (OC) निरूपम नाथ
शीतलकुची (OC) अभिषेक लामा
अलीपुर (OC) प्रियांकर चक्रवर्ती
एडीजी (South Bengal) राजेश कुमार सिंह
एडीजी (North Bengal) के. जयरामन

🔍 क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?

निर्वाचन आयोग का यह कदम ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले आयोग राज्य के मुख्य सचिव (नंदिनी चक्रवर्ती), गृह सचिव (जगदीश प्रसाद मीना) और डीजीपी (पीयूष पांडेय) को भी हटा चुका है।

आयोग के सख्त निर्देश:

  1. जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें चुनाव खत्म होने तक किसी भी चुनावी ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा।

  2. नए अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पदभार ग्रहण करने और सोमवार शाम तक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

  3. स्थानीय प्रभाव और पक्षपात की शिकायतों को शून्य करने के लिए ‘क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट’ ट्रांसफर नीति अपनाई गई है।

🗳️ चुनाव कार्यक्रम पर एक नज़र

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर मतदान दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में होना है, जिसके नतीजे 4 मई, 2026 को घोषित किए जाएंगे। इस बड़े फेरबदल के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है, जहाँ सत्ताधारी टीएमसी और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है।

नोट: आयोग ने साफ किया है कि यदि भविष्य में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई कोताही पाई जाती है, तो और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *