तमिलनाडु चुनाव 2026: NDA में सीटों का बंटवारा फाइनल, जानें EPS और BJP के बीच क्या हुआ समझौता?

चेन्नई | सोमवार, 23 मार्च 2026 | तमिलनाडु की राजनीति में आज एक बड़ा रणनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपने सीट बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप दे दिया है। चेन्नई स्थित अन्नाद्रमुक (AIADMK) मुख्यालय में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में गठबंधन के प्रमुख सहयोगियों के बीच सीटों का वितरण घोषित किया गया।

📊 NDA का सीट शेयरिंग फॉर्मूला: कौन कितनी सीटों पर?

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा के लिए हुए इस समझौते में AIADMK ‘बड़े भाई’ की भूमिका में है। गठबंधन के तहत सीटों का गणित कुछ इस प्रकार है:

  • AIADMK (अन्नाद्रमुक): 178 सीटें

  • BJP (भाजपा): 27 सीटें

  • PMK (पाटाली मक्कल कत्छी): 18 सीटें

  • AMMK (अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम): 11 सीटें

नोट: शेष बची सीटों के लिए तमिल मानिला कांग्रेस (TMC) और अन्य छोटे दलों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है, जिन्हें AIADMK के कोटे से या रिक्त सीटों से समायोजित किया जा सकता है।

तमिलनाडु चुनाव 2021 के नतीजे

🤝 चेन्नई में हुआ ‘पावर पैक्ट’

सीटों के इस औपचारिक बंटवारे पर AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) और केंद्रीय मंत्री व भाजपा चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल की मौजूदगी में मुहर लगी। समझौते के बाद पीयूष गोयल ने कहा, “NDA तमिलनाडु में एक परिवार की तरह काम कर रहा है। हम प्रधानमंत्री मोदी के विकास मॉडल और EPS के नेतृत्व में राज्य की जनता को भ्रष्ट DMK शासन से मुक्ति दिलाएंगे।”

वहीँ, EPS ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि यह गठबंधन राज्य की सभी 234 सीटों पर मजबूती से लड़ेगा और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगा।

एडप्पादी पलानीस्वामी का राजनीतिक सफर

🗓️ चुनाव का पूरा शेड्यूल: नोट कर लें तारीखें

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, तमिलनाडु में सत्ता का संग्राम निम्नलिखित तारीखों पर लड़ा जाएगा:

कार्यक्रम तारीख
नामांकन की शुरुआत 30 मार्च 2026
नामांकन की अंतिम तिथि 06 अप्रैल 2026
मतदान (Single Phase) 23 अप्रैल 2026
मतगणना (Results) 04 मई 2026

भाजपा का दक्षिण भारत मिशन

🧩 राजनीतिक मायने: क्यों अहम है यह गठबंधन?

  1. भाजपा का बढ़ता कद: 2021 के चुनाव में भाजपा ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसे बढ़ाकर इस बार 27 कर दिया गया है। यह राज्य में भाजपा के बढ़ते जनाधार का संकेत है।

  2. AMMK की वापसी: टी.टी.वी. दिनाकरण की पार्टी (AMMK) का गठबंधन में शामिल होना दक्षिण तमिलनाडु में वोटों के बिखराव को रोकने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

  3. DMK को चुनौती: सत्तारूढ़ DMK-कांग्रेस गठबंधन के खिलाफ NDA ने एक संयुक्त मोर्चा तैयार किया है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय या सीधे तौर पर द्विपक्षीय होने की उम्मीद है।

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