कानपुर चकरपुर मंडी भाव: गेहूं की सरकारी खरीद से पहले कीमतों में स्थिरता, जानें आज का रेट

कानपुर. उत्तर प्रदेश की प्रमुख अनाज मंडी, चकरपुर में शनिवार को कारोबार की शुरुआत संतुलित रही। गेहूं, दलहन और तिलहन की कीमतों में पिछले सत्र (शुक्रवार) के मुकाबले कोई बड़ा फेरबदल दर्ज नहीं किया गया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान में मांग और आपूर्ति (Demand and Supply) के बीच बेहतर तालमेल होने के कारण कीमतों में यह ठहराव देखा जा रहा है।

🌾 गेहूं के भाव और सरकारी खरीद की तैयारी

मंडी में आज गेहूं का औसत भाव ₹2,380 से ₹2,500 प्रति क्विंटल के बीच रहा। वहीं, उच्च गुणवत्ता वाले फार्म और आर.आर. 21 गेहूं की मांग बनी रही, जिसके दाम ₹2,700 से ₹2,850 प्रति क्विंटल तक दर्ज किए गए।

बड़ी खबर: योगी सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए ₹2,585 प्रति क्विंटल की नई MSP घोषित की है। उत्तर प्रदेश में 25 मार्च से सरकारी खरीद शुरू होने वाली है, जिसके लिए कानपुर मंडल में भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सरकार ने इस बार 48 घंटे के भीतर भुगतान का वादा किया है, जिससे खुले बाजार में भी कीमतों को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

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📦 दलहन और तिलहन बाजार का हाल

दालों के बाजार में स्थिरता का माहौल रहा। अरहर और चने की कीमतों में बहुत मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया।

जींस (Commodity) थोक भाव (₹/क्विंटल) दाल के भाव (₹/क्विंटल)
अरहर (Tur) 7,000 – 7,500 11,400 – 12,000
चना (Gram) 5,400 – 5,500 6,700 – 6,800
मूंग (Moong) 6,000 – 9,930 8,000 – 9,500
मसूर (Lentil) 5,650 – 5,850 6,700 – 6,950
मटर (Peas) 3,900 – 4,000 4,600 – 4,700

तिलहन वर्ग में सरसों के भाव गुणवत्ता के आधार पर ₹5,400 से ₹6,970 प्रति क्विंटल के बीच रहे। वहीं चावल की विभिन्न किस्मों (Common & Basmati) का कारोबार ₹2,800 से ₹4,000 के बीच हुआ।

मंडी के पुराने भावों के लिए: कानपुर चकरपुर मंडी साप्ताहिक रिपोर्ट

📉 मोटे अनाज और अन्य जिंस

  • मक्का: ₹1,850 – ₹2,350

  • जौ: ₹2,250 – ₹2,350

  • ज्वार: ₹2,000 – ₹3,000

  • बाजरा: ₹1,700 – ₹2,100

  • चीनी: ₹4,400 – ₹4,520

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🗣️ व्यापारियों की राय और भविष्य का अनुमान

चकरपुर मंडी के व्यापारियों का कहना है कि होली के बाद बाजार में आवक (Arrival) सामान्य है। हालांकि, 25 मार्च से सरकारी क्रय केंद्रों के खुलने और नई फसल की बढ़ती आवक के साथ कीमतों में हलचल बढ़ सकती है। सरकार द्वारा 10 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखे जाने से बाजार में मंदी की संभावना कम नजर आ रही है।

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