नई दिल्ली. भारतीय बैडमिंटन की सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक, पीवी सिंधु (PV Sindhu) को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट का सामना करना पड़ा है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और एयरस्पेस बंद होने के कारण, सिंधु प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन 2026 (All England Open 2026) से आधिकारिक तौर पर बाहर हो गई हैं।
3 मार्च 2026 को निर्धारित अपने पहले मुकाबले के लिए वह समय पर इंग्लैंड नहीं पहुंच सकीं, जिसके बाद बैडमिंटन जगत में निराशा की लहर दौड़ गई है।
दुबई में तनाव: ट्रांजिट के दौरान फंसी भारतीय टीम
सिंधु अपनी टीम और कोच विमल कुमार के साथ पिछले शनिवार से दुबई एयरपोर्ट पर फंसी हुई थीं। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच सैन्य संघर्ष चरम पर होने के कारण दुबई और आसपास के हवाई मार्गों को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
“डरावना अनुभव” – सिंधु ने साझा किया दर्द
सिंधु ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुलासा किया कि स्थिति केवल उड़ानों के रद्द होने तक सीमित नहीं थी, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक थी। उन्होंने बताया:
“जहां हमारी टीम रुकी हुई थी, उसके करीब ही एक जोरदार धमाका हुआ। मेरे कोच बाल-बाल बचे। ऐसे माहौल में खेल से ज्यादा जान की सुरक्षा जरूरी है।”
BAI की पुष्टि: सुरक्षा सर्वोपरि
भारतीय बैडमिंटन संघ (BAI) के सचिव संजय मिश्रा ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि सिंधु का नाम ड्रॉ से हटा लिया गया है। कोच विमल कुमार ने भी बताया कि कई वैकल्पिक रूट तलाशने के बावजूद सफलता नहीं मिली।
BAI का आधिकारिक बयान:
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“खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”
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“अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते यह फैसला लेना अनिवार्य था।”
अन्य भारतीय शटलर्स की स्थिति: बदला गया रूट
जहां सिंधु दुर्भाग्यवश फंस गईं, वहीं भारत के अन्य शीर्ष खिलाड़ी वैकल्पिक और लंबे रास्तों (जैसे अफ्रीका और सिंगापुर) के जरिए बर्मिंघम पहुंचने में सफल रहे हैं।
| खिलाड़ी का नाम | श्रेणी | वर्तमान स्थिति |
| लक्ष्य सेन | पुरुष सिंगल्स | सुरक्षित पहुंचे |
| सात्विक-चिराग | पुरुष डबल्स | सुरक्षित पहुंचे |
| पीवी सिंधु | महिला सिंगल्स | टूर्नामेंट से बाहर (दुबई में) |
ऑल इंग्लैंड ओपन: क्यों है यह ‘बैडमिंटन का विंबलडन’?
यह टूर्नामेंट बैडमिंटन के इतिहास में सबसे पुराना और प्रतिष्ठित माना जाता है। सिंधु के लिए यह न केवल एक खिताब जीतने का मौका था, बल्कि ओलंपिक क्वालीफिकेशन और विश्व रैंकिंग के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण था। सिंधु इससे पहले इस टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर तय कर चुकी हैं।
अब नजरें ‘स्विस ओपन 2026’ पर
ऑल इंग्लैंड ओपन का मौका हाथ से जाने के बाद, सिंधु अब 10 से 15 मार्च 2026 तक होने वाले स्विस ओपन (Swiss Open) के लिए तैयारी करेंगी। हालांकि, उनकी भागीदारी पूरी तरह से खाड़ी क्षेत्र में सामान्य होने वाली उड़ानों और सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करेगी।
खेल पर युद्ध की छाया
मौजूदा वैश्विक संकट ने यह साबित कर दिया है कि राजनीति और युद्ध का असर केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहता। उड़ानों का रद्द होना और खिलाड़ियों का इस तरह संकट में फंसना अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के भविष्य पर भी सवाल खड़े करता है।
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