कानपुर: फार्मर रजिस्ट्री की सुस्त रफ्तार से बढ़ी चिंता, 41% किसानों का पंजीकरण अभी भी बाकी

कानपुर. जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए अनिवार्य की गई ‘फार्मर रजिस्ट्री’ की रफ्तार बेहद धीमी है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बावजूद अब तक जिले के केवल 59 प्रतिशत किसानों का ही पंजीकरण हो सका है। यदि इसी माह के अंत तक यह कार्य पूरा नहीं हुआ, तो पीएम किसान सम्मान निधि और अन्य सब्सिडी वाली योजनाओं में बाधा आना तय है।

11 अंकों की आईडी बिना नहीं मिलेगी सुविधा

शासन के निर्देशानुसार, प्रत्येक किसान के पास अब 11 अंकों का एक यूनिक आईडी नंबर होना अनिवार्य है। इस ‘फार्मर रजिस्ट्री’ में किसान के जमीन संबंधी सभी अभिलेखों की फीडिंग की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बिचौलियों को खत्म करना और पात्र किसानों तक सीधे लाभ पहुँचाना है।

आंकड़ों की हकीकत: घाटमपुर आगे, नरवल पिछड़ा

प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, जनपद में कुल 2,85,597 किसानों का पंजीकरण होना था, लेकिन अब तक केवल 1,68,334 किसान ही डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज हो पाए हैं। तहसीलवार स्थिति पर नजर डालें तो:

  • बिल्हौर: 99,103 में से केवल 58,305 किसान पंजीकृत।

  • घाटमपुर: 70,767 में से 50,035 का काम पूरा (जिले में सबसे बेहतर स्थिति)।

  • कानपुर: 46,323 में से महज 24,535 किसान ही जुड़े।

  • नरवल: 69,404 के सापेक्ष केवल 35,459 की रजिस्ट्री हुई।

सत्र समाप्ति पर बढ़ेगी मुसीबत

लेखपालों और पंचायत सचिवों को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। वर्तमान में सत्र समाप्ति की ओर है। जैसे ही पीएम किसान सम्मान निधि का पोर्टल नए आवेदनों और संशोधनों के लिए खुलेगा, सर्वर पर लोड बढ़ जाएगा। ऐसे में जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अधूरी है, उन्हें पोर्टल पर आवेदन करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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फार्मर रजिस्ट्री कानपुर: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) क्या है और यह क्यों जरूरी है?

उत्तर: फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश सरकार की एक डिजिटल पहल है जिसमें किसानों के भूमि अभिलेखों को उनके आधार से जोड़कर एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। सरकारी योजनाओं (जैसे PM-Kisan) का सीधा लाभ पाने और बिचौलियों को खत्म करने के लिए यह अनिवार्य है।

Q2. 11 अंकों की यूनिक आईडी (Unique ID) का क्या महत्व है?

उत्तर: प्रत्येक पंजीकृत किसान को 11 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी। भविष्य में बीज, खाद पर सब्सिडी, कृषि यंत्रों पर छूट और पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ केवल इसी आईडी के माध्यम से मिलेगा।

Q3. कानपुर में किन तहसीलों में रजिस्ट्री की स्थिति सबसे खराब है?

उत्तर: प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, नरवल तहसील में सबसे कम (लगभग 51%) पंजीकरण हुआ है, जबकि कानपुर सदर में भी रफ्तार काफी धीमी है।

Q4. यदि किसान अपनी रजिस्ट्री इस माह के अंत तक नहीं कराते, तो क्या होगा?

उत्तर: समय सीमा समाप्त होने के बाद पीएम किसान सम्मान निधि के पोर्टल पर भारी लोड बढ़ सकता है, जिससे पंजीकरण में तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। इसके बिना अगली किस्त और अन्य सरकारी सब्सिडी रुक सकती है।

Q5. फार्मर रजिस्ट्री के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?

उत्तर: मुख्य रूप से किसान का आधार कार्ड, खतौनी (जमीन के कागज) और आधार से लिंक मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है।

Q6. पंजीकरण के लिए किससे संपर्क करें?

उत्तर: किसान अपने क्षेत्र के लेखपाल, पंचायत सचिव या कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क कर अपनी फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित करा सकते हैं।

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