क्यों बदला गया उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम? जानें क्या है ‘सेवा तीर्थ’ का महत्व

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो के स्टेशनों के नाम बदलने का सिलसिला जारी है। मयूर विहार फेस-1 के बाद अब दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर स्थित ‘उद्योग भवन’ मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया गया है।

PMO का नया नाम बना स्टेशन की पहचान

स्टेशन के नाम में यह बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नए नाम ‘सेवा तीर्थ’ के खुलासे के ठीक एक दिन बाद किया गया है। अब से प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ और इसके परिसर के अन्य हिस्सों को ‘कर्तव्य भवन-1’ और ‘कर्तव्य भवन-2’ के नाम से जाना जाएगा।

शुक्रवार को इन नए परिसरों का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा:

“एक नया इतिहास बन रहा है। विकसित भारत की ओर बढ़ते कदमों के बीच यह आवश्यक है कि हम औपनिवेशिक (Colonial) सोच के हर निशान को मिटा दें। यह दिन भारत की विकास यात्रा में एक नई शुरुआत का गवाह है।”

येलो लाइन का महत्वपूर्ण हिस्सा

‘सेवा तीर्थ’ (पूर्व में उद्योग भवन) मेट्रो स्टेशन दिल्ली मेट्रो की सबसे व्यस्त लाइनों में से एक ‘येलो लाइन’ का हिस्सा है। यह स्टेशन ‘लोक कल्याण मार्ग’ मेट्रो स्टेशन के ठीक बगल में स्थित है और केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों व कार्यालयों तक पहुँचने का प्राथमिक जरिया है।

मयूर विहार स्टेशन का भी बदला नाम

गौरतलब है कि हाल ही में पिंक लाइन पर स्थित ‘मयूर विहार पॉकेट-1’ स्टेशन का नाम बदलकर ‘श्री राम मंदिर मयूर विहार’ किया गया था। DMRC ने यह फैसला स्थानीय निवासियों, श्री सनातन धर्म सभा की मांग और विधायक रविकांत उज्जैनवाल के प्रस्ताव के आधार पर लिया था।

मुख्य बदलाव एक नज़र में:

  • पुराना नाम: उद्योग भवन —> नया नाम: सेवा तीर्थ

  • पुराना नाम: मयूर विहार पॉकेट-1 —> नया नाम: श्री राम मंदिर मयूर विहार

  • नया परिसर: कर्तव्य भवन-1 और 2 (PMO परिसर का हिस्सा)

इन बदलावों का उद्देश्य न केवल स्थानों को नई सांस्कृतिक और सेवा-केंद्रित पहचान देना है, बल्कि यात्रियों के लिए स्थानीय स्थलों के आधार पर स्पष्टता सुनिश्चित करना भी है।

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