बजट 2026 पर किसने क्या कहा? पीएम मोदी और विपक्षी नेताओं की बड़ी प्रतिक्रियाएं

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। सत्ता पक्ष ने इसे ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है, वहीं विपक्ष ने इसे जुमलों से भरा और आम जनता से कटा हुआ बजट करार दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी का दावा: “विकसित भारत का रोडमैप”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “अवसरों का राजमार्ग” और “विकसित भारत का ठोस रोडमैप” बताया। उनके संबोधन के प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे:

🔹 लक्ष्य 2047

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की मजबूत आधारशिला रखता है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और मानव संसाधन विकास को प्राथमिकता दी गई है।

🔹 नारी शक्ति और युवा शक्ति

पीएम मोदी ने इसे महिला सशक्तिकरण और युवा केंद्रित बजट बताते हुए कहा कि इससे मध्यम वर्ग, स्टार्टअप्स और MSMEs को नई ऊर्जा मिलेगी।

🔹 रिफॉर्म एक्सप्रेस

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर संतुष्ट नहीं है, बल्कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।

सत्ता पक्ष के अन्य प्रमुख बयान

🔸 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में “विश्वास-आधारित शासन” और आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लगभग 7% की अनुमानित विकास दर यह दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

🔸 पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड सीएम)

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट को उम्मीदों से बेहतर बताते हुए राज्यों को मिलने वाली विशेष सहायता और पूंजीगत व्यय बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया।

विपक्ष का हमला: “जुमलाबाजी और फीका बजट”

विपक्षी दलों ने बजट को आम आदमी की समस्याओं से दूर बताते हुए तीखी आलोचना की है।

🔹 कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बजट को पूरी तरह “फीका (Lacklustre)” बताते हुए कहा कि सरकार के बड़े प्रचार के मुकाबले ज़मीनी राहत बेहद सीमित है।

🔹 समाजवादी पार्टी और TMC

इन दलों का आरोप है कि यह बजट भी पिछले वर्षों की तरह आंकड़ों का मायाजाल है। बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण संकट पर ठोस समाधान नहीं दिखता।

🔹 अखिलेश यादव का बयान

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बजट में ज़मीन पर बदलाव लाने वाली कोई बड़ी घोषणा नहीं है और इसका लाभ केवल सीमित वर्ग को मिलेगा।

🔹 मनीष तिवारी की चिंता

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने निजी निवेश में कमी, नॉमिनल GDP की सुस्ती और रोजगार सृजन को लेकर सरकार की आर्थिक रणनीति पर सवाल उठाए।

उम्मीद बनाम हकीकत की जंग

केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर एक ओर सरकार इसे विकास, सुधार और आत्मनिर्भरता का बजट बता रही है, वहीं विपक्ष का दावा है कि इसमें आम जनता की जेब और रोजगार को लेकर ठोस राहत नहीं है। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि यह बजट वास्तव में विकसित भारत की ओर ठोस कदम साबित होता है या फिर विपक्ष के आरोपों की पुष्टि करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *