Winter Heart Care: सर्दियों में दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये 5 आसान टिप्स

नई दिल्ली.  जैसे-जैसे पारा गिर रहा है, वैसे-वैसे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले गर्मियों की तुलना में काफी ज्यादा होते हैं। सर्दियों में हार्ट अटैक के मामलों में 20-30% की बढ़ोतरी देखी जाती है। आखिर ठंड हमारे दिल की दुश्मन क्यों बन जाती है? आइए जानते हैं इसके पीछे का विज्ञान और बचाव के तरीके।

सर्दियों में क्यों बढ़ता है खतरा? (The Science Behind It)

  1. नसों का सिकुड़ना: ज्यादा ठंड में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है और दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

  2. खून का गाढ़ा होना: सर्दियों में शरीर में ‘फाइब्रिनोजेन’ का स्तर बढ़ जाता है, जिससे खून गाढ़ा होने लगता है और क्लॉट (थक्का) बनने की संभावना बढ़ जाती है।

  3. शारीरिक सक्रियता में कमी: ठंड के कारण लोग व्यायाम कम कर देते हैं और ज्यादा वसायुक्त (Faty) भोजन जैसे पराठे, हलवा आदि खाते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।

  4. विटामिन D की कमी: धूप कम मिलने से शरीर में विटामिन D का स्तर गिरता है, जो दिल की सेहत के लिए हानिकारक है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज (Warning Signs)

  • सीने में भारीपन या असहजता।

  • अचानक बहुत ज्यादा पसीना आना (भले ही बाहर ठंड हो)।

  • जबड़े, गर्दन या बाएं हाथ में दर्द।

  • सांस लेने में तकलीफ या बहुत ज्यादा थकान।

हार्ट अटैक से बचाव के 5 प्रभावी उपाय

  • 1. लेयरिंग (Layering) है जरूरी: बाहर निकलते समय केवल एक भारी जैकेट के बजाय कपड़ों की कई परतें (Layers) पहनें। सिर, कान और पैरों को ढककर रखें, क्योंकि शरीर की अधिकांश गर्मी इन्हीं हिस्सों से निकलती है।

  • 2. वॉक का समय बदलें: कड़ाके की ठंड में सुबह 4 या 5 बजे ‘मॉर्निंग वॉक’ पर जाने से बचें। जब थोड़ी धूप निकल आए या तापमान सामान्य हो जाए, तभी बाहर निकलें। इंडोर एक्सरसाइज एक बेहतर विकल्प है।

  • 3. खान-पान पर नियंत्रण: नमक का सेवन कम करें क्योंकि यह बीपी बढ़ाता है। आहार में लहसुन, अदरक और हल्दी शामिल करें जो प्राकृतिक रूप से खून को पतला रखने और शरीर को गर्म रखने में मदद करते हैं।

  • 4. गुनगुने पानी का प्रयोग: बहुत ठंडे पानी से नहाने से शरीर को ‘कोल्ड शॉक’ लग सकता है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें।

  • 5. नियमित जांच: यदि आप पहले से बीपी या शुगर के मरीज हैं, तो अपनी दवाएं समय पर लें और नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर चेक करते रहें।

नोट : यह एक सामान्य सलाह. कृपया समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें.

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