पाकिस्तान की सेना के डीजी अहमद शरीफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला पत्रकार को मारी आंख

इस्लामाबाद. पाकिस्तान की सेना के मीडिया प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ऐसी हरकत कर बैठे, जिसने पूरे देश में उनके प्रोफेशनलिज्म पर सवाल खड़े कर दिए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह एक महिला पत्रकार की ओर देखते हुए आंख मारते दिखाई देते हैं. यह वीडियो सामने आने के बाद पाकिस्तान के भीतर और बाहर दोनों जगह आलोचना शुरू हो गई है.

यह प्रेस कॉन्फ्रेंस राजनीतिक सवालों से भरी हुई थी, खासकर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े आरोपों को लेकर. इस बीच महिला पत्रकार ने जैसे ही इमरान खान से संबंधित देशद्रोह और सुरक्षा खतरे से जुड़े सवाल पूछे तभी कैमरे के सामने DG ISPR ने एक अजीब हरकत कर दी. कैमरा उनकी तरफ घूमते ही वे हल्की मुस्कान के साथ पत्रकार की ओर आंख मारते दिखे, जिसके कुछ पल बाद उन्होंने इमरान खान को जेहनी समस्या वाला इंंसान कहकर सार्वजनिक रूप से निशाना भी बनाया.

वीडियो वायरल होते ही पाकिस्तान में छिड़ी बहस

वीडियो X (ट्विटर) पर अपलोड होते ही हजारों लोगों ने इसे शेयर किया और देखते ही देखते यह पाकिस्तान की सोशल मीडिया टाइमलाइन पर छा गया. आलोचकों का कहना है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कोई नॉर्मल कार्यक्रम नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय था. ऐसे समय में सेना के शीर्ष मीडिया अधिकारी का यह व्यवहार बेहद अस्वीकार्य है. कुछ लोग यह भी पूछ रहे हैं कि महिला पत्रकार के गंभीर सवालों को इस तरह हल्के अंदाज में लेना सेना की प्राथमिकताओं को किस दिशा में ले जाता है.

पत्रकारों और नागरिकों का गुस्सा
कई पत्रकारों ने इसे पेशेवर मर्यादाओं का उल्लंघन बताया. कुछ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में पत्रकार पहले ही दबाव और सेंसरशिप का सामना कर रहे हैं, ऐसे में सेना के अधिकारी का यह रवैया उनकी सुरक्षा और सम्मान दोनों को चोट पहुंचाता है. कई यूजर्स ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि यह प्रेस ब्रीफिंग से ज़्यादा फ्लर्टिंग शो जैसा लग रहा था.

साभार : एबीपी न्यूज

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *