नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह संसद को चुनावी हार के बाद “हताशा निकालने का मंच” बना रहा है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि यदि विपक्ष चाहे तो वह राजनीति में सकारात्मकता लाने के कुछ सुझाव देने को तैयार हैं।
विपक्षी सांसद 2 दिसंबर को संसद के मकर द्वार पर देंगे धरना
विपक्षी सांसद 2 दिसंबर (मंगलवार) को सुबह 10:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार के सामने चुनावी सुधारों पर चर्चा की मांग को लेकर धरना देंगे। लोकसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्षी दलों ने चुनावी धांधली का आरोप लगाते हुए बार-बार नारेबाजी की। कई विपक्षी नेताओं ने सदन में “वोट चोर, गद्दी छोड़” के नारे लगाए और देश भर में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की भी मांग की।
राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन, राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान पीठासीन सभापति सीपी राधाकृष्णन की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा हुई और सदन के पटल पर कुछ कागजात भी रखे गए।
चुनावी सुधार पर चर्चा हो: राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि पूरे दिन राज्यसभा चली। हम लोगों ने सहयोग किया। अब संयुक्त विपक्ष की मांग है कि चुनावी सुधार पर चर्चा हो क्योंकि चुनाव में हुई धांधली को लेकर विपक्ष परेशान है। इस सत्र में लगातार यही मांग है कि सरकार चुनावी सुधार पर चर्चा कराए। सरकार कहती है कि वे चर्चा कराएंगे लेकिन ये नहीं बताते कि कब कराएंगे।
सरकार ने पेश किए पान मसाला से संबंधित दो बिल
सरकार ने जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर खत्म होने के बाद भी तंबाकू, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों पर कुल कर भार समान बनाए रखने के लिए सोमवार को दो विधेयक लोकसभा में पेश किए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों की भारी नारेबाजी के बीच ये विधेयक पेश किए।
खरगे के बयान पर राज्यसभा में जेपी नड्डा का पलटवार
राज्यसभा LoP मल्लिकार्जुन खड़गे को जवाब देते हुए राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि हमें सम्मान कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखनी चाहिए, और अच्छा होगा अगर हम उसी हिसाब से इस पर चर्चा करें। अगर हम उस मुद्दे पर चर्चा करना शुरू कर दें, जो हमारे विपक्ष के नेता ने आज उठाया जैसे विदाई और बाकी सभी विषय, तो मुझे लगता है कि यह बेमतलब है। यहां से यह भी चर्चा होगी कि आप उनके खिलाफ एक बार नहीं बल्कि दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाए। मुझे लगता है कि हमारे विपक्ष के नेता बहुत सम्मानजनक हैं। बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र में हार से आपको बहुत दर्द हुआ है। लेकिन आपको अपना दर्द और तकलीफ किसी डॉक्टर को बतानी चाहिए। समय आने पर आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
साभार : नवभारत टाइम्स
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