ईडी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी से जुड़े मामले में 42 स्थानों पर मारा छापा

रांची. केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (Directorate of Enforcement/ED) ने झारखंड (Jharkhand) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में कोयला माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई में बड़े खुलासे हुए हैं. 21 नवंबर की सुबह करीब साढ़े पांच बजे ही इस सर्च ऑपरेशन के दौरान झारखंड के 18 लोकेशन पर दबिश दी गई, जिसके बाद कोयला माफियाओं के बीच यह खबर चर्चा का विषय बन गया. काफी समय के बाद इतने बड़े स्तर पर कोयला माफियाओं के खिलाफ सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. कोयला माफियाओं के यहां से बड़ी मात्रा में नकदी और ज्‍वेलरी बरामद की गई हैं.
जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि झारखंड के 18 लोकेशन और उसी वक्त पश्चिम बंगाल के करीब 24 से अधिक लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई प्रारंभ की गई. इन कोयला माफियाओं का आपस में काफी करीबी संबंध बताया जा रहा है, जिसका आपस में कई राज्यों में अपना नेटवर्क है. इसके मार्फत वो अपना काला साम्राज्य चलाते हैं. इसी काले नेटवर्क को तोड़ने के लिए जांच एजेंसी ईडी द्वारा बड़े पैमाने पर दो राज्यों में सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि जांच के शुरुआती चरण में ही काफी महत्वपूर्ण सबूतों और इलेक्ट्रोनिक एविडेंस को कई लोकेशन से इकठ्ठा किए गए हैं. इसके आधार पर अब जांच का दायरा काफी आगे बढ़ने वाला है.

धनबाद में भी एक्‍शन

झारखंड की कोयला राजधानी के तौर पर चर्चित धनबाद के कई कोल माफियाओं के यहां सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है. धनबाद में लाल बहादुर सिंह का नाम भी शामिल है. बड़े स्तर के कोयला कारोबारी के यहां जब जांच एजेंसी की टीम पहुंची तब आसपास काफी संख्या में लोग इकठ्ठा होने लगे. लिहाजा पहले से ही मुस्तैद जांच एजेंसी की टीम अर्धसैनिक बल के जवानों की संख्या में और ज्यादा बढ़ोतरी कर दी, ताकि कानून व्यवस्था बरकरार रहे. सूत्र बताते हैं कि धनबाद स्थित देव विला इलाके में पहले भी अन्य एजेंसी द्वारा दबिश दी गई थी, लेकिन आरोपियों के इशारे पर काफी संख्या में लोग इकट्ठे हो जाते थे और जांच एजेंसी की टीम को परेशान कर उन्हें प्रभावित करने का प्रयास करते थे. इस बार ईडी की टीम मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ लोकेशन पर पहुंची और अपने स्तर पर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है.
जांच एजेंसी के सूत्र की मानें तो 21 नवंबर को जब ये सर्च ऑपरेशन स्टार्ट हुआ तब कोल माफियाओं के बीच खलबली मच गई. ऐसा माना जाता है कि उनके कनेक्शन कई राजनीतिक हस्तियों सहित अन्य प्रभावशाली लोगों के साथ हैं. ईडी द्वारा कोलकाता के सॉल्टलेक जैसे प्राइम लोकेशन में रहने वाले आरोपी नरेंद्र खड़का (Narendra Kharka ) के कोलकाता, दुर्गापुर सहित कई लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. इसके साथ ही अन्य कोल माफियाओं के हावड़ा, दुर्गापुर, आसनसोल, पुरुलिया, वर्धमान में भी सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. सूत्र बताते हैं कि पश्चिम बंगाल में चर्चित कोल माफिया (कृष्ण मुरारी, युधिष्ठिर घोष, परवेज आलम सिद्दकी) के आवास सहित अन्य लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया.
साभार : न्यूज18

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *