शरिया लागू होने तक जारी रहेंगे पाकिस्तान पर हमले: तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान

इस्लामाबाद. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने इस्लामाबाद में एक अदालत के बाहर हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले में कम से कम 12 लोग मारे गए है, जबकि 27 से ज्यादा घायल हुए हैं। टीटीपी को पाकिस्तान तालिबान के नाम से जाना जाता है। यह घटना इस्लामाबाद में आयोजित हो रहे अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों के बीच हुई, जिसमें अंतर-संसदीय अध्यक्षों का सम्मेलन भी शामिल है। पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बताया कि दोपहर 12.29 बजे हुए आत्मघाती विस्फोट में 12 लोग मारे गए और 27 घायल हो गए।

कोर्ट के बाहर 12 मिनट तक खड़ा रहा हमलावर

पाकिस्तान आयुर्विज्ञान संस्थान (PIMS) के प्रवक्ता डॉ मुबाशिर दाहा ने कहा: “36 घायल लोगों को PIMS लाया गया, जिनमें से 18 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 14 को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, तीन आपातकालीन विभाग में हैं और एक ऑपरेशन थियेटर में है।” विस्फोट के विवरण पर बोलते हुए, नकवी ने कहा कि हमलावर विस्फोटकों को उड़ाने से पहले लगभग 12 मिनट तक अदालत के बाहर खड़ा रहा।

मोहसिन नकवी ने पुलिस की पीठ थपथपाई

उन्होंने कहा, “उसने पहले अदालत के अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन जब वह अंदर नहीं जा सका, तो उसने पुलिस वाहन को निशाना बनाया।” उन्होंने कहा, “मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हम अगले कुछ घंटों में उसकी पहचान कर लेंगे।” गृह मंत्री ने कहा, “हम आज हुए इस विस्फोट को कई चीजों से जोड़ रहे हैं और आने वाले कुछ घंटों या दिनों में हम इस बारे में पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगे।”

टीटीपी ने धमकी में क्या कहा

इस बीच टीटीपी ने एक बयान जारी कर कहा, “हमारे लड़ाके ने इस्लामाबाद में न्यायिक आयोग पर हमला किया। पाकिस्तान के गैर-इस्लामी कानूनों के तहत फैसले सुनाने वाले न्यायाधीशों, वकीलों और अधिकारियों को निशाना बनाया गया।” उन्होंने मुस्लिम बहुल देश पाकिस्तान में इस्लामी शरिया कानून लागू होने तक और हमले करने की धमकी दी।

ख्वाजा आसिफ ने कहा- पाकिस्तान युद्ध की स्थिति में

वहीं, बड़बोले रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान “युद्ध की स्थिति” में है और इस हमले को पड़ोसी अफगानिस्तान के साथ वार्ता के संबंध में एक “चेतावनी” के रूप में लिया जाना चाहिए।

साभार : नवभारत टाइम्स

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