जर्मनी में महिला मेयर आइरिस स्टाल्ज़र पर जानलेवा हमला, आईसीयू में भर्ती

बर्लिन. जर्मनी के शांत माने जाने वाले शहर हर्डेके की नवनिर्वाचित मेयर पर जानलेवा हमला हुआ है. हाल ही में चुनी गई मेयर आइरिस स्टाल्ज़र को उनके ही घर में खून से लथपथ हालत में पाया गया. शरीर पर कई चाकू के निशान थे. डॉक्टरों ने बताया कि वो अभी भी इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं. आइरिस स्टाल्ज़र, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (SPD) की नेता हैं. वह हाल ही में हुए स्थानीय चुनाव में भारी जीत दर्ज कर हर्डेके की मेयर बनी थीं. वो नवंबर में पदभार संभालने वाली थीं, लेकिन उससे पहले ही उन पर जानलेवा हमला हुआ. पुलिस फिलहाल हर एंगल से जांच कर रही है.

‘कई चाकू के वार, बेटा बना पहला गवाह’

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टाल्ज़र को उनके बेटे ने घर में फर्श पर गिरा हुआ पाया. वो खून से लथपथ थीं और कई जगहों पर गहरे घाव थे. बेटे ने तुरंत पुलिस और मेडिकल टीम को बुलाया. फिलहाल डॉक्टर उनकी हालत को बेहद गंभीर बता रहे हैं. जर्मन मीडिया Bild के मुताबिक, ये हमला सोमवार देर रात हुआ था. पड़ोसियों ने भी रात में कुछ हलचल सुनी थी. हालांकि अब तक किसी संदिग्ध की पहचान नहीं हो पाई है.

‘घटना के पीछे राजनीतिक मकसद?’ जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने बताया कि वे हर संभव एंगल से जांच कर रहे हैं, खासकर राजनीतिक विरोध से जुड़े किसी कारण को लेकर. नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया राज्य में हाल ही में स्थानीय चुनावों के दौरान कई बार कैंपेन टोन बेहद उग्र और तीखा रहा था. कुछ नेताओं का कहना है कि यह हमला राजनीतिक नफरत का नतीजा भी हो सकता है. जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने सोशल मीडिया पर घटना की कड़ी निंदा की और कहा, ‘हमें उम्मीद है कि वे बच जाएं, और अपराधी जल्द पकड़ में आए.’

क्या फिर लौटा ‘राजनीतिक हिंसा’ का दौर?

यह हमला लोगों को 2019 की याद दिला रहा है, जब एंजेला मर्केल की शरणार्थी नीति का समर्थन करने वाले कंज़र्वेटिव लीडर वाल्टर ल्यूब्के की एक फार-राइट एक्टिविस्ट ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. उस घटना के बाद जर्मनी में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे. अब, आइरिस स्टाल्ज़र पर हमला उसी भयावह दौर के लौटने की आशंका बढ़ा रहा है.

57 साल की आइरिस स्टाल्ज़र पेशे से लेबर लॉयर हैं और हर्डेके की राजनीति में दो दशकों से सक्रिय रही हैं. वो दो किशोर बच्चों की मां हैं और अपनी साफ छवि व जनसंपर्क के लिए जानी जाती हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें किसी से दुश्मनी नहीं थी. फिलहाल पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं.

साभार : न्यूज18

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