नई दिल्ली. भारत को रूस ने Su-57 लड़ाकू विमान का ऑफर दिया है. लेकिन रूस के इस ऑफर को देखते हुए फ्रांस ने भी भारत को राफेल F4 फाइटर जेट का ऑफर दिया है. अब ऐसे में भारत के सामने यह समस्या आ गई है कि वह किसका ऑफर स्वीकार करे और भारत के लिए कौनसा ऑफर अच्छा है. आज हम रूस और फ्रांस के ऑफर के बारे में बात करेंगे.
क्या है रूस का ऑफर?
रूस ने भारत को Su-57E पर 60 से बढ़ाकर 126 विमानों की डील को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. रूस ने फ्रांस के राफेल F4 से अपने विमान Su-57E को ज्यादा बेहतर बताया है और भारत को 670 करोड़ रुपये में एक विमान के हिसाब के 126 विमानों कि डील का ऑफर दिया है. यह विमान 5th जनरेशन के स्टील्थ फाइटर जेट हैं और इसकी पोलेड क्षमता 10 टन की है.
फ्रांस का भारत को ऑफर
फ्रांस ने भी भारत को राफेल F4 के साथ तेजस Mk-2 के लिए M88-4 इंजन का ऑफर दिया है. फ्रांस ने इस ऑफर में 1 हजार करोड़ में प्रति विमान की डील सामने रखी है. जो 4.5 जनरेशन के लड़ाकू विमान होंगे. ये विमान AESA रडार और मीटियोर मिसाइल के साथ 9.5 टन की पोलेड क्षमता वाले होंगे. तेजस Mk-2 के लिए M88-4 इंजन 95-105 kN का थ्रष्ट देगा.
कौनसा ऑफर भारत के लिए है अच्छा?
दोनों देशों ने भारत को अच्छे ऑफर दिए हैं. अब ऐसे में भारत को किसी एक देश के साथ डील करने में काफी सोचना पड़ रहा है. जहां रूस का ऑफर सस्ता, अपग्रेड फ्री और Su-30MKI से कम्पैटिबल है. तो वहीं फ्रांस के साथ भारत के रिश्ते अच्छे हैं. फ्रांस के ऑफर में भारत को राफेल का भरोसा और निर्यात संभावना के साथ GE देरी से बैकअप मिल रहा है. अब ऐसे में भारत को किसके साथ डील करनी चाहिए ये कहना बेहद मुश्किल हो रहा है.
साभार : जी न्यूज
भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं
